भारतीय सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी सैफुल्लाह और उसके ग्रुप की तलाश में जारी ऑपरेशन में सोमवार (19 जनवरी 2026) को जैश ए मोहम्मद के आतंकियों के ठिकाने का भंडाफोड़ किया.

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आतंकियों के ठिकाने से क्या-क्या मिला?

ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में रोजमर्रा के उपयोग का सामान जिसमें सिगरेट के पैकेट, कंबल, घी का डब्बा, अंडों की पेटियां, 50 से ज्यादा इंस्टेंट नूडल्स के पैकेट, एलपीजी सिलेंडर, खाना पकाने का गैस चूल्हा, रिफाइंड तेल के पैकेट और बोतल, गेहूं, दाल और चावल की बोरियां, चाय की पत्तियों के पैकेट, चीनी, नामक के पैकेट जैसी कई चीजें बरामद की.

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बड़ी प्लानिंग में जुट थे आतंकी

सूत्रों के मुताबिक यह सभी सामान सुरक्षाबलों को किश्तवाड़ के चतरू इलाके के जंगल में स्थित जैश के ठिकाने पर मिला. खुफिया एजेंसी के आकलन के मुताबिक बरामद राशन कम से कम चार आतंकियों के एक ग्रुप की करीब तीन महीने जरूरत पूरा करने के लिए पर्याप्त था यानी इस ठिकाने को जैश ए मोहम्मद का ग्रुप लंबे समय तक प्रयोग करने की फिराक में था.

खुफिया सूत्रों के मुताबिक उनके आकलन के हिसाब से यह ठिकाना आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सैफुल्लाह ग्रुप का हो सकता है, जिसमें सैफुल्लाह को मिलाकर कुल 3-4 आतंकी है. इस ग्रुप में उसके सहयोगी फारमान और आदिल भी शामिल हैं साथ ही ये तीनों पाकिस्तानी नागरिक हैं, जिन्होंने वर्ष 2022–23 के दौरान भारत में घुसपैठ की थी.

आतंकी मॉड्यूल की जांच में जुटी एजेंसियां 

सूत्रों ने मुताबिक इन आतंकियों को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के हंगू इलाके में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के ट्रेनिंग कैंप में ट्रेन किया गया था, जहां इन्हें पहाड़ी क्षेत्र में लंबे समय तक रहने और लड़ाई करने की ट्रेनिंग जैश के कमांडर मुराद अजहर के नेतृत्व में दी गई थी. जैश के इन आतंकियों को तलाशने में सुरक्षा बलों का ऑपरेशन जारी है. बरामद सामग्री के मिलने के बाद इस आतंकी मॉड्यूल के स्थानीय सपोर्ट नेटवर्क की जांच भी जांच एजेंसियां करेंगी.