जम्मू में बांग्लादेश और बर्मा के शरणार्थियों के खिलाफ सरकार का बड़ा एक्शन शुरू हो गया है. जम्मू प्रशासन इन शरणार्थियों की कई बस्तियों को खाली करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पिछले एक दशक से ज्यादा समय से जम्मू में रहते हैं बांग्लादेश और म्यांमार के शरणार्थियों के खिलाफ सरकार अब एक्शन मोड में है. जम्मू कश्मीर सरकार ने जम्मू के कई इलाकों में बस्तियां बना कर रह रहे इन लोगों के खिलाफ कार्यवाही शुरू कर दी है. 

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इस कार्यवाही के तहत जम्मू कश्मीर प्रशासन ने पहले उन मकान मालिकों और जमीन मालिकों की पहचान की है जिन मालिकों ने अपने घर या जमीन इनको किराए पर दी है. इसके बाद प्रशासन में उन जमीन मालिकों को नोटिस थमाया है और अगले कुछ दिनों में इन शरणार्थियों के घर और जमीन खाली करने को कहा है. 

मकान मालिकों ने रोहिंग्या परिवारों से घर कराया खाली

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प्रशासन से मिले इस नोटिस के बाद अब मकान मालिकों ने अपने मकान और दुकानों में बतौर किराएदार रह रहे रोहिंग्या परिवारों को घर और दुकान खाली करने को कहा है. मकान और जमीन मालिकों से मिले इस अल्टीमेटम के बाद इन बस्तियों में मातम पसरा है. इन बस्तियों में रहने वाले लोग अब सवाल कर रहे हैं कि वह यहां से जाएं तो जाएं कहां.

बता दें कि देश में रोहिंग्या के मामले पर काफी बहस होचुकी है. पश्चिम बंगाल में भी काफी रोहिंग्या परिवार थे, लेकिन अवैध शरणार्थियों के खिलाफ एक्शन लिया गया था. देश के और भी हिस्सों में शरणार्थियों के होने की खबरें आती रही हैं. संयुक्त राष्ट्र ने रोहिंग्या शरणार्थियों को लेकर चिंता जाहिर की थी. यूएन ने जून 2026 में कहा था कि बांग्लादेश में रह रहे 12 लाख रोहिंग्या शरणार्थियों को बेसहारा नहीं छोड़ना चाहिए. 

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