अमेरिका और इजरायल के साथ करीब छह हफ्ते तक हुई जंग में ईरान का कई सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह हो गया. अब ईरान फिर से दोबारा अपने पैरों पर खड़ा होने की कोशिश कर रहा है. इसी के तहत ईरान ने फिर से ड्रोन बनाने शुरू कर दिए हैं. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान छह महीने के भीतर अपनी ड्रोन हमले की क्षमता को पूरी तरह से पुनर्स्थापित कर सकता है.
सैन्य क्षमताओं को बढ़ा रहा ईरान
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान अपनी सैन्य क्षमताओं का तेजी से पुनर्निर्माण कर रहा है, जिन्हें अमेरिका-इजरायल के हमलों से बुरी तरह नुकसान पहुंचा था. इसमें दावा किया गया है कि ईरानी सेना उम्मीद से बहुत ज्यादा तेजी से दोबारा मजबूत और तैयार हो रही है. इसमें कहा गया कि ईरान अपने उन मिसाइल स्थलों, लॉन्चरों और प्रमुख डिफेंस सिस्टम की उत्पादन क्षमता को बढ़ा रहा है, जिसे 28 फरवरी को शुरू हुए जंग में तबाह कर दिया गया था.
ट्रंप की ईरान को चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (20 मई 2026) को कहा कि अगर ईरान शांति समझौते पर सहमत नहीं होता है तो अमेरिका तेहरान पर और घातक हमले करेगा. उन्होंने संकेत दिया कि वाशिंगटन सही जवाब पाने के लिए कुछ दिनों तक इंतजार कर सकता है. ट्रंप ने कहा कि स्थिति बिल्कुल सीमा रेखा पर है और तेजी से बिगड़ सकती है.
ईरानी सांसद ने इंटरनेट केबल काटने की दी धमकी
ईरानी सांसद महमूद नबावियन ने गुरुवार (21 मई 2026) को कहा कि अगर ईरान के खिलाफ कुछ किया गया तो हम समुद्र के नीचे से गुजरने वाली केबल काट देंगे. ईरान ने अभी तक समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल्स को नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन उसने ऐसी कार्रवाई की चेतावनी जरूर दी थी. यह चेतावनी खास तौर पर फारस की खाड़ी और होर्मुज से गुजरने वाली फाइबर-ऑप्टिक केबल्स को लेकर दी गई.
ईरानी संसद की सांस्कृतिक समिति के उपाध्यक्ष अली यज़दीखाह ने कहा कि सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल द्वारा लगाए गए इंटरनेट प्रतिबंध जारी रहेंगे और अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट का एक्सेस केवल उन व्यक्तियों और संगठनों तक सीमित होगा, जिनकी जरूरतें विशेष मानी जाएंगी. उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू प्लेटफ़ॉर्म जनता की 90 फीसदी से ज्यादा जरूरतों को पूरा करते हैं.
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