IDFC Fraud Case, CBI Submit Chargesheet: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेश यानी सीबीआई ने पंचकूला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में हरियाणा सरकार के 504 करोड़ के फंड के कथित गलत इस्तेमाल के मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की गई है. इस गबन में बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी और आम लोग शामिल हैं. यह चार्जशीट 15 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की गई है. पूरे खेल में हरियाणा विभागों के कर्मचारी, फर्जी कंपनियां और आम लोग भी शामिल हैं. 

Continues below advertisement

सीबीआई ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी, सबूत मिटाने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत नियमों के उल्लंघन करने के आरोप लगे हैं. 

AITWA का बड़ा फैसला: माल ढुलाई दरों में FAF लागू, डीजल महंगा होने पर बढ़ेगा फ्रेट

Continues below advertisement

किन लोगों पर दाखिल की गई है

इस मामले में जिनपर चार्जशीट दाखिल की गई है, उनमें IDFC First Bank और AU Small Finance Bank से जुड़े छह बैंक अधिकारी, और हरियाणा पावर जेनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड, विकास और पंचायत विभाग, और हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के तीन सरकारी कर्मचारी शामिल हैं. एजेंसी ने चार्जशीट में दो फर्जी कंपनियों, उनके तीन पार्टनर या डायरेक्टर, और एक आम व्यक्ति का नाम भी शामिल किया है.

सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में लिए गए हैंवहीं, सीबीआई ने एक बयान में कहा है कि सभी आरोपी इस समय न्यायिक हिरासत में हैं. जांचकर्ताओं की मानें तो यह मामला हरियाणा सरकार के कई विभागों के बैंक खातों से 504 करोड़ कथित हेरफेरी से जुड़ा है. एजेंसी ने आरोप लगाया है कि ये फंड बैंक अधिकारियों की तरफ से सरकारी विभागों में तैनात सरकारी कर्मचारियों के साथ आपराधिक मिलीभगत करके दूसरी जगह भेज दिए गए थे. 

मामला तब शुरू हुआ था, जब हरियाणा के राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरों ने केस दर्ज किया. इसके बाद इस पूरे मामले को सीबीआई को सौंपदिया गया. सीबीआई ने बताया था कि सभी 15 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट में शामिल अपराधिक जांच पूरी हो चुकी है. एजेंसी ने संकेत दिया कि अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है. 

सोने की बढ़ती कीमतों के बीच बढ़ता गोल्ड लोन का क्रेज, जानें टॉप पर है कौन सा राज्य?