पहली बार रशिया के साथ साझा युद्धाभ्यास करने जा रही हैं भारत की तीनों सेनाएं
ABP News Bureau | 16 Oct 2017 09:06 PM (IST)
व्लाडिवोस्टोक शहर में रशिया की पैसेफिक कमान का मुख्यालय है. ये एक तटीय शहर है जो चीन और उत्तरी कोरिया के ट्राइ-जंक्शन पर है. इसलिए इस युद्धभ्यास का महत्व और अधिक बढ़ जाता है.
नई दिल्ली: पहली बार भारत की तीनों सेनाएं रशिया के साथ मिलकर साझा युद्धाभ्यास ‘इंद्रा’ करने जा रही हैं. ये भारत का अबतक का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास माना जा रहा है. 19 से 29 अक्टूबर तक रशिया के व्लाडिवोस्टोक शहर में होने वाली इस एक्सरसाइज में हिस्सा लेने वाले सैनिकों को आज दिल्ली के पालम टेक्नीकल एयरपोर्ट से रवाना किया गया. भारत के चीफ ऑफ इंट्रीगेटड स्टॉफ, लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने थलसेना, वायुसेना और नौसेना के 880 सैनिकों और अधिकारियों को आज ‘इंद्रा’ एक्सरसाइज के लिए रवाना किया. इस दौरान सैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होनें कहा कि पहली बार भारत रशिया के साथ इस तरह का साझा युद्धाभ्यास कर रहा है. जो ये दिखाता है कि रशिया भारत का कितना अहम सैन्य-मित्र देश है. लेफ़्टिनेंट जनरल दुआ के मुताबिक, इस तरह के युद्धाभ्यास से भारत बहुत कुछ रशिया से सीख सकता है. क्योंकि भारत काफी समय से रशिया के हथियार और सैन्य उपकरण इस्तेमाल कर रहा है. साथ ही रशिया को वैश्विकस्तर पर एकीकृत युद्ध और ऑपरेशन का लंबा अनुभव है. इंद्रा एक्सरसाइज में थलसेना के करीब 450 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं. वहीं नौसेना के दो युद्धपोत, सतपुड़ा और कदमत हिस्सा ले रहे हैं. वायुसेना के करीब 80 वायुसैनिक हिस्सा ले रहे हैं. वायुसेना का कोई लड़ाकू विमान या फिर हेलीकॉप्टर इस युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रहा है, क्योंकि भारतीय वायुसेना अधिकतर रशिया के ही लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर इस्तेमाल करती है. इसलिए युद्धाभ्यास में रशिया की वायुसेना के ही प्लेटफॉर्म हिस्सा ले रहे हैं. व्लाडिवोस्टोक शहर में रशिया की पैसेफिक कमान का मुख्यालय है. ये एक तटीय शहर है जो चीन और उत्तरी कोरिया के ट्राइ-जंक्शन पर है. इसलिए इस युद्धाभ्यास का महत्व और अधिक बढ़ जाता है. इंद्रा एक्सरसाइज यूएन चार्टर के तहत की जा रही है, जिसका मकसद काउंटर-टेरेरिज्म है. अभी तक भारत इस तरह के साझा काउंटर टेरेरिज्म एक्सरसाइज के लिए थलसेना का ही इस्तेमाल करता था. लेकिन अब इसमें वायुसेना और नौसेना का भी साथ लिया जा रहा है. क्योंकि आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ रूस और अमेरिका जैसे देश वायुसेना और नौसेना का भी इस्तेमाल कर रहा है. एक्सरसाइज के समापन समारोह में रक्षा राज्यमंत्री सुभाषराव भामरे भी व्लाडिवोस्टोक में मौजूद रहेंगे.