पाकिस्तान की तरफ से शहजाद भट्टी के आतंकवादी नेटवर्क को लेकर भारत के दावों पर विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देते हुए कहा कि आतंकवाद के इस अभिशाप को हराने के लिए जो भी जरूरी कार्रवाई करनी होगी, हम वो जरूर लेंगे.’
उन्होंने कहा, ‘आतंकवाद से जुड़े मामले बेहद गंभीर हैं और हम इन्हें बहुत गंभीरता से लेते हैं. हम चाहते हैं कि वैश्विक समुदाय इस तरह की कार्रवाइयों की गंभीरता को समझे. भारत आतंकवाद से बुरी तरह प्रभावित रहा है. पिछले कई सालों में हमने आतंकवाद, जिसमें सीमा पार आतंकवाद भी शामिल है, से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर कार्रवाई को रफ्तार देने और मजबूत करने के लिए काफी प्रयास किए हैं. आतंकवाद से निपटने की हमारी लड़ाई जारी रहेगी. आतंकवाद के इस अभिशाप को हराने के लिए जो भी जरूरी कार्रवाई करनी होगी, हम उसे जारी रखेंगे.’
आतंकवाद और सुरक्षा से जुड़े मामलों के सवाल पर बोले जायसवाल
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान आतंकवाद और सुरक्षा से जुड़े मामलों के सवाल पर कहा, ‘ये ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर हर किसी को चिंता करनी चाहिए, क्योंकि आतंकवाद एक अभिशाप है और हम इस मुश्किल से मिलकर लड़ना चाहते हैं.’
उन्होंने कहा, ‘आपने हाल ही में जारी मोनेटरिंग कमेटी की रिपोर्ट देखी होगी, जिसमें लाल किला आतंकवादी हमले के लिए जिम्मेदार ग्रुप के पीछे मौजूद लोगों का भी विशेष रूप से जिक्र किया गया है.’
आतंकी मॉड्यूल और POK प्रोटेस्ट पर भारत का रुख
रणधीर जायसवाल ने आतंकी मॉड्यूल को लेकर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मंगलवार (18 अगस्त, 2026) को कहा, ‘जो आतंकी मॉड्यूल यहां सक्रिय था, उसे अब ध्वस्त कर दिया गया है. इस संबंध में भारत सरकार पहले ही अपना पक्ष स्पष्ट कर चुकी है और हम उसी पर कायम है.’
पीओके में जारी प्रदर्शनों को लेकर रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हो रहे विरोध प्रदर्शनों में अब तक काफी लोगों की जान जा चुकी है. भारी संख्या में लोग इससे प्रभावित हुए हैं और घायल भी हुए हैं. इसके अलावा, वहां रोजमर्रा के जरूरी सामानों और आपूर्तियों पर भी गंभीर रूप से प्रतिबंध लगाए गए हैं.’ उन्होंने कहा, ‘पीओके के मौजूदा हालात को देखते हुए वहां के लोगों को इंटरनेशनल कम्युनिटी की सहानुभूति और एकजुटता की जरूरत है और उन्हें वह मिलनी चाहिए.’
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