स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई. पीएम के दिमागी नक्सल शब्द के इस्तेमाल पर युवाओं खासकर कॉकरोच जनता पार्टी ने नाराजगी जाहिर की है. इसे लेकर सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो री-पोस्ट कर निशाना साधा.
सौरव दास ने एक वीडियो री-पोस्ट किया, जिसमें लिखा था कि क्या सुप्रीम लीडर का समय अब खत्म हो गया है? ये कुछ साफ संकेत हैं. ऐसा लगता है कि जनता उनके झूठ, ड्रामे और खोखले वादों से अब तंग आ चुकी है. इसी पर अपनी बात जोड़ते हुए सौरव दास ने कहा कि प्रधानमंत्री जी, दिमागी नक्सल या ऐसी कोई भी बात काम नहीं आएगी.
सीजेपी प्रवक्ता ने साधा निशानासीजेपी प्रवक्ता दास ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि आप पढ़े-लिखे युवाओं को आसानी से नक्सली वगैरह कैसे कह सकते हैं? सिर्फ इसलिए कि वे आपकी सरकार से सवाल पूछते हैं? यह सरासर अहंकार है. उन्होंने आगे कहा कि उनकी समस्याओं को हल करने में आप पूरी तरह नाकाम रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि चेतावनी की घंटी बज चुकी है और अब जागने का समय आ गया है.
क्या कहा था पीएम मोदी ने ?पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने भाषण में कहा कि हथियारी नक्सल तो चले गए, लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं जो समाज को गलत राह पर ले जाने के लिए तरह-तरह के काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘ऐसे लोग हिंसा अराजकता के रास्ते खोज रहे हैं. इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा और इन्हें आइसोलेट करना होगा. उन्होंने कहा कि विकसित राष्ट्र बनाने की ओर देश की युवा पीढ़ी को जोड़ना होगा.
बता दें कि पीएम मोदी ने अपने 75 मिनट के भाषण में 52 बार युवाओं का जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा कि सरकार अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देगी. साथ ही ये भी बताया कि गरीब और मिडिल क्लास परिवारों के युवाओं को कई परीक्षाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी.
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