नई दिल्लीः हरियाणा विधानसभा चुनाव में रुझान लगभग साफ हो चुके हैं. राज्य में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता दिखाई दे रहा है. राज्य में सरकार बनाने को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के नेता अपने अपने जुबानी दावे पेश कर रहे हैं. हालांकि, अभी तक किसी भी दल ने सरकार बनाने को लेकर राज्यपाल के पास अपना दावा पेश नहीं किया है.
अभी तक आए रुझानों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. राज्य में बीजेपी ने 33 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि 7 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.
शुरुआती रुझानों के मुताबिक ऐसा लगने लगा था कि हरियाणा में दुष्यंत चौटाला किंग मेकर की भूमिका में रह सकते हैं. लेकिन, शाम होते-होते यह दिखने लगा कि दुष्यंत चौटाला इस भूमिका से दूर होते जा रहे हैं.
सरकार बनाने के लिए बीजेपी ने चली चाल
हरियाणा में सरकार बनाने को लेकर बीजेपी ने अपनी चाल चल दी है. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने गोपाल कांडा को मिलने के लिए दिल्ली बुलाया है. गोपाल कांडा दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं.
कांडा सिरसा विधानसभा सीट से चुनाव जीत चुके हैं. वह हरियाणा लोकहित पार्टी के उम्मीदवार हैं. माना जा रहा है कि कांडा के संपर्क में एक और विधायक हैं जो की बीजेपी समर्थन दे सकते हैं.
आईएनएलडी का मिल सकता है साथ
रुझानों के मुताबिक हरियाणा में बीजेपी के 40 विधायक विधानसभा पहुंच सकते हैं. वहीं कांडा और उनके संपर्क के एक और विधायकों को मिला दिया जाए तो संख्या कुल 42 हो जाता है. इस संख्या को और आगे बढ़ाने में आईएनएलडी भी साथ निभा सकता है. आईएनएलडी के पास 1 विधायक हैं. वहीं 2 अन्य विधायकों को भी पार्टी अपने साथ जोड़ सकती है.
इस फॉर्मुले के साथ हरियाणा में बीजेपी 45 के आंकड़े को छू लेती है. हालांकि, राज्य में कुल 90 विधानसभा सीट हैं. इस हिसाब से देखा जाए तो बहुमत का आंकड़ा 46 होता है.
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