पंचकूला: जेल में बंद बलात्कारी राम रहीम पर हत्या के दो मामलों को लेकर आज सुनवाई होगी. पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और पूर्व डेरा समर्थक रंजीत सिंह की हत्या का आरोप भी राम रहीम पर लगा है. पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में सुबह 11 बजे से अंतिम सुनवाई शुरू होगी. राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है, इसीलिए उसकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी. सुनवाई को देखते हुए पंचकूला और सिरसा में सुरक्षा बंदोबस्त बढ़ा दिए गए हैं. हत्या के दो केस कौन-कौन से हैं पहला केस पत्रकार रामचंद्र छत्रपति पूरा सच नाम से अखबार छापते थे. उनके ही अखबार में पहली बार उस साध्वी की चिट्ठी छपी थी. जिसने पहली बार राम रहीम के बलात्कारी चेहरे को उजागर किया था. आरोप है कि राम रहीम के इशारे पर ही पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की अक्टूबर 2002 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. दूसरा केस राम रहीम पर हत्या का दूसरा आरोप डेरा के प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या का है. रंजीत सिंह की भी 2002 में हत्या हुई थी. रंजीत सिंह की बहन के साथ राम रहीम ने बलात्कार किया था और ये बात रंजीत सिंह जानता था. आरोप है कि इसीलिए राम रहीम ने रंजीत सिंह की हत्या करा दी. 2003 में हाईकोर्ट ने दिए थे सीबीआई जांच के आदेश पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 2003 में ही पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और रंजीत सिंह की हत्या की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे. जुलाई 2007 में सीबीआई ने इस दोनों ही केस में चार्जशीट दाखिल कर दिया था. अब 10 साल बाद इन केसों में फैसला आने की उम्मीद परिवार वालों में जगी है. पत्रकार छत्रपति के बेटे को इंसाफ का इंतजार पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल के मुताबिक करीब 15 साल की लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार फाइनल राउंड के शुरू होने से एक बड़ी राहत मिली है. पत्रकार के बेटे को उम्मीद है कि जल्द ही कुछ दिनों में सुनवाई पूरी होगी और उनके पिता रामचंद्र छत्रपति को इंसाफ मिलेगा.