केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि वह नीट परीक्षा प्रणाली को सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर कदम उठाने वाली है. यह कदम बहुत जल्द लिए जाएंगे और इनका दूरगामी असर होगा. पेपर लीक को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सरकार का पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से विस्तृत जानकारी देने के लिए कुछ समय की मांग की. कोर्ट ने इस पर सहमति जताते हुए 3 अगस्त को अगली सुनवाई की बात कही.

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मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए होने वाले नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) को इस साल 3 मई को आयोजित किया गया था. पेपर लीक की जानकारी सामने आने के बाद इसे रद्द करना पड़ा और 21 जून को दोबारा परीक्षा हुई. परीक्षा के आयोजन में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की नाकामी का विरोध करते हुए फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन, यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट समेत कई याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं.

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सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं पर नोटिस जारी किया

25 मई को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने इन याचिकाओं पर नोटिस जारी किया था. कोर्ट ने कहा था कि 2024 में नीट-यूजी पेपर लीक के बाद केंद्र सरकार ने इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ के राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया था. वह NTA और राधाकृष्णन कमिटी का जवाब देखना चाहता है. उसके बाद कोई आदेश पारित किया जाएगा. केंद्र सरकार के लिए शुक्रवार, 24 जुलाई को पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जवाब के लिए कुछ और समय देने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा, "छात्रों के हितों को लेकर सरकार बहुत गंभीर है. हम बहुत जल्द कई कदम उठाने जा रहे हैं. न सिर्फ राधाकृष्णन कमिटी की रिपोर्ट लागू की जाएगी, बल्कि सरकार उससे भी आगे के कदम उठाएगी. बहुत सी बातें होने वाली हैं. 1 सप्ताह का समय दीजिए. हम कोर्ट को विस्तृत जानकारी देंगे."

हम सुनवाई 3 अगस्त को करेंगे- जस्टिस

जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने सरकार को जवाब के लिए समय देते हुए कहा, "हम भी यही चाहते हैं कि पूरी व्यवस्था चाक-चौबंद हो. इस बार हालात ऐसे बने कि साफ-सुथरी परीक्षा करवाने के लिए आपको वायु सेना की मदद से प्रश्न पत्र भेजने पड़े. इस तरह के अस्थायी समाधान से बात नहीं बनेगी. स्थायी व्यवस्था बनानी होगी. आप जवाब दाखिल कीजिए. हम सुनवाई सोमवार, 3 अगस्त के लिए टाल रहे हैं."

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