जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय से चल रहे प्रदर्शन को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कॉकरोच जनता पार्टी और उसके समर्थकों के आंदोलन के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ है. उनका दावा है कि ये ताकतें भारत को विकसित, मजबूत और शिक्षित देश बनते नहीं देखना चाहतीं.

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जंतर-मंतर के प्रदर्शन पर इंद्रेश कुमार का बड़ा आरोप

इंद्रेश कुमार ने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर कहा कि अब तक यह साफ हो गया है कि इन विरोध प्रदर्शनों के पीछे देश और दुनिया की ऐसी ताकतें हैं, जो भारत के विकास के खिलाफ काम कर रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ये ताकतें नहीं चाहतीं कि भारत एक मजबूत, विकसित और शिक्षित राष्ट्र बने.

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'विदेशी ताकतें भारत को कमजोर करना चाहती हैं'

इंद्रेश कुमार ने कहा कि विदेशी ताकतों का उद्देश्य भारत के विकास को रोकना और देश को कमजोर करना है. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग भारत की शिक्षा, समृद्धि, खुशहाली और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें सकारात्मक सोच अपनानी चाहिए और देश की प्रगति में योगदान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा देश को आगे बढ़ाने में लगनी चाहिए, न कि ऐसे आंदोलनों में, जिनसे देश का नुकसान हो.

'स्टार्टअप के दम पर दुनिया के लिए रोल मॉडल बन रहा भारत'

इंद्रेश कुमार ने कहा कि आज भारत हजारों-लाखों स्टार्टअप के जरिए पूरी दुनिया के लिए रोल मॉडल बन रहा है. उन्होंने कहा कि देश के विकास की इस यात्रा में सभी लोगों को सरकार का सहयोग करना चाहिए और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए.

'आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण बनें युवा'

उन्होंने कहा कि आज का समय ऐसा है जब वैश्विक ताकतें भारत के विकास, शिक्षा, समृद्धि और सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं. ऐसे समय में युवाओं को देश के साथ खड़ा होना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा ले सकें.

'अच्छा नहीं कर सकते तो नुकसान भी मत करें'

अपने बयान के अंत में इंद्रेश कुमार ने कहा कि यदि कोई अच्छा काम नहीं कर सकता तो कम से कम नुकसान भी नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर किसी से दूसरों का अच्छा काम देखा नहीं जाता, तो उसे खराब करने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए. उनके अनुसार ऐसा करना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे बचना चाहिए.