केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिलीगुड़ी में जनवरी महीने में महाकाल मंदिर का शिलान्यास किए जाने की घोषणा पर मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव आते ही कुछ लोगों को हनुमान चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ याद आ जाता है.

Continues below advertisement

राजधानी भोपाल स्थित अपने आवास पर एक संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए चौहान ने कहा कि मंदिर और धार्मिक गतिविधियां आस्था का विषय होती हैं लेकिन कुछ विपक्षी दल धर्म को चुनावी फायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं.

चौहान ने कहा, 'जब इन सब धार्मिक संस्थाओं पर हमले होते हैं, तब ये लोग चुप रहते हैं. लेकिन चुनाव आते ही कई लोग त्रिपुंड (एक प्रकार का तिलक) लगाने लगते हैं, हनुमान चालीसा का पाठ करने लगते हैं, दुर्गा सप्तशती का पाठ याद आता है. मैं समझता हूं कि जनता इस सच को जानती है.'

Continues below advertisement

'आस्था का सम्मान होना चाहिए, राजनीति का औजार नहीं...'

उन्होंने कहा कि आस्था का सम्मान होना चाहिए, न कि उसे राजनीति का 'औजार' बनाया जाना चाहिए. पश्चिम बंगाल में 2026 के मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है और राज्य में इस समय तृणमूल कांग्रेस की सरकार है जबकि भाजपा मुख्य विपक्षी दल है.

बिहार विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद भाजपा ने अपना पूरा ध्यान पश्चिम बंगाल में लगा दिया है, जहां विधानसभा की कुल 294 सीट हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद के पिछले सत्र के दौरान संसद भवन में पश्चिम बंगाल के सांसदों से मुलाकात की थी और उनसे राज्य में कड़ी मेहनत करने को कहा था.

ममता बनर्जी ने महाकाल मंदिर का शिलान्यास का ऐलान किया था

ममता बनर्जी ने कोलकाता में एक कार्यक्रम में मंगलवार को कहा कि जनवरी के दूसरे सप्ताह में उत्तर बंगाल के सिलिगुड़ी में महाकाल मंदिर का शिलान्यास किया जाएगा और इसके लिए जमीन भी तय कर ली गई है साथ ही फंड का भी इंतजाम कर लिया गया है.

बनर्जी ने यह भी कहा कि उनके ऊपर तुष्टीकरण के आरोप लगते हैं लेकिन वह ऐसी राजनीति नहीं करती हैं क्योंकि वह धर्मनिरपेक्ष हैं. इस बारे में पूछे जाने पर चौहान ने कहा, 'जब चुनाव आता है तब मंदिर याद आते हैं. मैं यह मानता हूं कि मंदिर हो या बाकी धार्मिक गतिविधियां, यह आस्था के विषय होते हैं.'