नई दिल्ली में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को भारत पर उनकी हालिया टिप्पणियों को लेकर अमेरिकी पत्रकार के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा. रिपोर्टर ने ऑनलाइन नस्ल'वाद झेल रहे भारतीयों का मुद्दा उठाया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से संबंधित एक खास सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र किया.

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क्या बोले मार्को रुबियो इस पर रुबियो ने जवाब देते हुए कहा कि मुझे नहीं पता कि वह किसके बारे में बात कर रहे हैं. मैंने मान लिया कि वह ऑनलाइन पोस्ट करने वाले लोगों के बारे में बात कर रहे हैं. उनमें से कुछ ट्रोल हो सकते हैं, बॉट हो सकते हैं, मुझे नहीं पता. उन्होंने बताया कि इसलिए मैंने उनसे विशेष रूप से पूछा कि क्या आप मुझे बता सकते हैं कि आप किस बारे में बात कर रहे हैं और किसके बारे में बात कर रहे हैं.

रिपोर्टर ने आगे कहा कि ट्रंप ने ऑनलाइन पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने भारत को नरक बताया था. इस पर रुबियो ने जवाब दिया कि उन्होंने रिपोर्टर को स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया था, लेकिन वो डिटेल्स नहीं दे पाए. उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत से प्यार करते हैं. उन्होंने कल रात कहा था, क्या आप वहां थे, जब उन्होंने कल रात 250वें सम्मेलन में फोन किया था? राष्ट्रपति भारत के बहुत बड़े प्रशंसक हैं, प्रधानमंत्री मोदी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं.

'लोग सोशल मीडिया पर बेवकूफी भरी बातें करते रहते हैं'उन्होंने आगे कहा कि अगर राष्ट्रपति नहीं चाहते कि मैं यहां रहूं तो मैं यहां नहीं होता. वे सर्जियो जैसे किसी व्यक्ति को हमारा राजदूत बनाकर नहीं भेजते, जो राष्ट्रपति के बहुत करीबी हैं. मैंने उस पत्रकार को यह बताने का मौका दिया कि वह किसके बारे में बात कर रहे थे और उन्होंने नहीं बताया. इसलिए मैंने मान लिया कि वह बस इधर-उधर की बातें कर रहे थे. मेरा मानना है कि लोग सोशल मीडिया पर हर समय बेवकूफी भरी बातें करते रहते हैं और दुर्भाग्य से दुनिया के हर देश में ऐसा होता है. 

इस बातचीत में अप्रैल में हुई एक घटना का जिक्र किया गया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पॉडकास्टर की अपमानजनक पोस्ट साझा की थी, जिसमें भारत को नरक बताया गया था. उस समय विदेश मंत्रालय ने ट्रंप का नाम लिए बिना जवाब दिया था. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि ये टिप्पणियां निश्चित रूप से भारत-अमेरिका संबंधों की वास्तविकता को नहीं दर्शाती हैं, जो लंबे समय से आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित हैं.

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