पश्चिम बंगाल में टीएमसी के बागी गुट ने केंद्रीय नेतृत्व में बड़ा फेरबदल किया है. पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता रितब्रता बनर्जी और बागी गुट का नेतृत्व कर रहे हैं रितब्रता बनर्जी ने बजट सत्र के बाद हुई एक होटल में मीटिंग के बाद कहा है कि आज यहां ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का एक विशेष सत्र आयोजित किया गया.

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उन्होंने बताया कि इस सत्र में डेलीगेट्स के सर्वसम्मत चुनाव के जरिए ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस कमेटी और NWC (नेशनल वर्किंग कमेटी) का गठन किया गया. अरूप रॉय को ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का चेयरपर्सन चुना गया है.

नेशनल वर्किंग कमेटी में इन लोगों को किया शामिल

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रितब्रता बनर्जी ने आगे कहा कि अरूप रॉय के अलावा 29 और लोगों को शामिल किया गया है. इससे यह 30 सदस्यों वाली NWC बन गई है. सदस्यों में फरहाद हकीम, अरूप बिस्वास, रथिन घोष, सबीना यास्मीन, रिताब्रत बनर्जी, जावेद खान, संदीपन साहा और अन्य शामिल हैं. उपाध्यक्ष फरहाद हकीम, अरूप बिस्वास, रथिन घोष और सबीना यास्मीन हैं. हम जिला अध्यक्ष भी नियुक्त करेंगे. जिला कमेटी का गठन करेंगे. हमने TMC में ममता बनर्जी की भूमिका के बारे में अपना रुख बार-बार स्पष्ट किया है. हम चाहते हैं कि दीदी एक मेंटर की जिम्मेदारी संभालें. हमारा मार्गदर्शन करें.

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सवाल असली या नकली टीएमसी होने का नहीं है: रितब्रता बनर्जीरितब्रता बनर्जी ने ये भी कहा कि सवाल असली या नकली होने का नहीं है. हम तृणमूल कांग्रेस हैं. आज के विशेष सत्र की कार्यवाही के बारे में निर्वाचन आयोग को सूचित करेंगे. अगर ममता बनर्जी (बागी तृणमूल गुट की) मुख्य सलाहकार बनना चाहती हैं तो उनका स्वागत है. विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही टीएमसी में फूट पड़ी हुई है. पार्टी के 80 में से 58 विधायकों ने विपक्ष के नेता पद के लिए रितब्रता बनर्जी के दावे का समर्थन किया था और पार्टी नेतृत्व की पसंद को खारिज कर दिया था.

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