नीट पेपर लीक के बाद से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक और युवाओं में दिख रहा था प्रतिरोध के उबाल के बीच अब शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है. अब छात्रों की इस मांग के समर्थन में उड़ीसा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक उतर आए हैं. उन्होंने सीजेपी और छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर रिएक्शन दिया है.
बीजेडी के अध्यक्ष और ओडिशा के विपक्षी नेता नवीन पटनायक ने कहा, 'जो हुआ है, उसे लेकर पूरे देश में विरोध हो रहा है. इसने पूरे देश को चौंकाया है. हम ओडिशा में भी विरोध प्रदर्शन करेंगे. मुझसे पूछा गया था कि क्या शिक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए. क्योंकि, इन सभी यूनिवर्सिटी परीक्षाओं को लेकर जो कुछ भी हुआ है, उसके बाद से उनके इस्तीफे की मांग की जा रही है. इसलिए मुझे लगता है कि उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. युवा छात्रों पर पुलिस की हिंसा से हर कोई सदमे में है. संसद में विपक्ष के नेता और कई अन्य सीनियर राजनेताओं के साथ भी पुलिस ने बहुत बुरा बर्ताव किया है. यह चौंकाने वाला है.'
मॉनसून सत्र के शुरुआत से हंगामा, विपक्ष सरकार से कर रहा चर्चा की मांग
इधर, सोमवार से शुरू हुए मॉनसून सत्र के दौरान भी लगातार विपक्ष केंद्र सरकार पर हमला है. सरकार छात्रों के मुद्दों पर बातचीत से बच रही है, तो वहीं, 20 जुलाई के प्रोटेस्ट के दौरान हुई कार्रवाई ने भी देश की जनता में गुस्सा भर दिया है. मंगलवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष के नेताओं ने पीएम मोदी के आवास का घेराव किया. जहां उनसे जवाब देने की मांग पर अड़े रहे. इसके बाद पुलिस ने आखिरकार धरना प्रदर्शन को खत्म किया. वहीं, जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक लगातार अपनी मांगों को लेकर अनशन कर रहे हैं.
इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को अरेस्ट किया गया था. वहीं, बुधवार को भी दोनों सदनों में कार्यवाही स्थगित कर दी गई है. विपक्ष के नेताओं ने काले कपड़े पहनकर सदन में विरोध किया. राज्यसभा की कार्यवाही 3 बजे तक स्थगित की गई, तो वहीं लोकसभा की कार्यवाही अगले दिन, यानी 23 जुलाई तक स्थगित कर दी है.
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