देश की राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन के बीच बिजनेस को लेकर व्यापार संगठनों को चिंता सताने लगी है. इसी के मद्देनजर कई संगठनों ने गृह मंत्री अमित शाह को लेटर लिखा है. दिल्ली इलेक्ट्रिकल ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शर्मा ने बताया कि इलेक्ट्रिकल ट्रेड दीवाली से संबंधित है. सारी लाइटें, शैंडलिट्स घरों में सजावट का सामान और हमारा सारा व्यापार इस वक्त दीवाली पर निर्भर है.

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उन्होंने कहा कि प्रदर्शनों के चलते हमारा व्यापार तबाह हो जाएगा. इसलिए सरकार और आंदोलनकारी लोगों से हमारा अनुरोध है कि कृपया इसको आंदोलन को अभी टाल देना चाहिए. उन्होंने कहा कि जो जानबूझ के प्रदर्शन कर रहे हैं जो आंदोलन कर रहे हैं उनका कोई अस्तित्व नहीं है. उन्होंने कहा कि व्यापारी पहले से ही मंदी को झेल रहा है. उन्होंने कहा कि सिस्टम को इस प्रकार की चीजें निकालनी चाहिए ताकि यह भविष्य में भी ना हो.

'ग्राहकी एकदम खत्म हो गई है'उन्होंने कहा कि आज व्यापारी इस स्थिति में पहुंच गया है कि कस्टमर उनके यहां आ नहीं रहा है. ग्राहकी एकदम खत्म हो गई है, लोग सड़कों पर आने से डर रहे हैं. इसके अलावा सरकार को टैक्स का नुकसान हो रहा है. जब व्यापार नहीं होगा तो टैक्स कहां से जाएगा और जब टैक्स नहीं आएगा तो सरकारें कैसे चलेंगी. 

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उन्होंने कहा कि लोगों को भी सोचना चाहिए जो ये प्रदर्शन कर रहे हैं कि हम ना करें, देश को बढ़ने दें और अगर कोई बात करनी है तो आप बैठ के करें. कोई जरूरी तो नहीं है कि सड़कों पर निकला है, कोई खाना बांट रहा है, कोई पानी पिला रहा है और वो बस लगे हुए हैं. 

फोटो मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय कुमार सेठी ने कहा कि 15 अगस्त के बाद से ही फेस्टिव सीजन चालू जाता है रक्षाबंधन से और दिवाली के बाद तक रहता है और इन दिनों में ही पूरे साल का हमारा खर्चा निकलता है, जितनी हमारी इनकम होती है, उसका 75% इन चार महीनों में ही निकलता है. 

'देश को अस्थिर करने की साजिश'उन्होंने कहा कि मुझे लगता नहीं कि ये आंदोलन होने चाहिए थे क्योंकि ये आंदोलन कम अराजकता ज्यादा है क्योंकि देश को अस्थिर करने की साजिश चल रही है. जैसे पहले नेपाल या श्रीलंका में हुआ. हो सकता है अमेरिका में बैठे एलन मस्क सोच रहे होंगे कि इंडिया के अंदर अस्थिरता फैला देंगे तो इंडिया की डेमोक्रेसी को नुकसान पहुंचाएंगे क्योंकि यहां की आबादी 140 करोड़ है. मैं नहीं समझता कि शायद वो इस मकसद में कामयब हो पाएंगे. 

'दिल्ली आने से बच रहे व्यापारी'उन्होंने कहा कि व्यापारी अपने आप को त्रस्त महसूस कर रहा है क्योंकि जैसे ही दिल्ली के बाहर मालूम पड़ता है कि दिल्ली में तो इस तरह की लाठी चार्ज, आंसू गैस चल रहे हैं तो व्यापारी यहां आने से बचना चाहता है. अगर इस तरह का रवैया रहेगा तो दिल्ली का व्यापार अपने आप में खत्म हो जाएगा और कम से कम यह सीजन तो हमारा ऑलरेडी पिट चुका है. अब जो थोड़ा बहुत महीने भर का समय रह गया है तो मेरी सरकार से दरख्वास्त है कि ऐसे आंदोलनों को कम से कम सेंट्रल पॉइंट के ऊपर बिल्कुल भी जगह ना दी जाए . 

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