नई दिल्लीः विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए आतंकवाद पर अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक आतंकवाद की चुनौती को केवल सीधे तौर पर प्रभावित होने वालों की समस्या माना जाता रहा है. इसके साथ ही उन्होंने जोर दिया कि इस मुद्दे पर वैश्विक सहमति बनाना प्राथमिकता होनी चाहिए .

इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज, इजराइल के 14वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि जैसे ही अमेरिका में नया प्रशासन कार्यभार संभालता है, यह स्वाभाविक है कि दुनिया इससे होने वाले बदलावों पर ध्यान देगी.

उन्होंने कहा कि दुनिया के बाकी हिस्सों की तरह, अमेरिका भी वैश्विक शक्ति वितरण के पुनर्संतुलन को स्वीकार कर रहा है. यह पिछले एक दशक में तेजी से हुआ और शायद जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि जाहिर है, अमेरिकी प्रशासन उस परिदृश्य पर गौर करेगा जो उसे विरासत में मिला है और समकालीन आवश्यकताओं को पूरा करेगा.

बता दें कि अमेरिका के नये रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कार्यभार संभालने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बातचीत की है. इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों, मुख्य रूप से हिन्द-प्रशांत घटनाक्रम को लेकर चर्चा की है. वहीं जो बाइडन के अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों देशों की सरकारों के बीच यह पहली उच्च स्तरीय बातचीत थी.

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