कांग्रेस पार्टी के सीनियर नेता केसी वेणुगोपाल ने रविवार 9 अगस्त को वॉर्निंग जारी की है. इस चेतावनी को शशि थरूर के बयान से जोड़ कर देखा जा रहा है. केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि छात्रों के मुद्दों पर राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शनों में असली जेन-जी ने हिस्सा लिया था, इसलिए कांग्रेस के नेताओं को इस तरह की टिप्पणी करने से पहले सावधान रहना चाहिए. शशि थरूर ने इस प्रदर्शन की तुलना सीजेपी के प्रोटेस्ट से की थी. इसपर वेणुगोपाल ने कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि थरूर ने जानबूझकर ऐसी टिप्पणी की थी.
पार्टी नेताओं को क्या दी हिदायत?
पीटीआई के मुताबिक, वेणुगोपाल ने कहा, 'हम सभी को ध्यान रखना चाहिए. चाहे जानबूझकर हो या अनजाने में. ऐसी टिप्पणी न करें. मुझे नहीं लगता कि उन्होंने यह जानबूझकर कहा था. न ही उनका ऐसा इरादा रहा हो. भले ही कांग्रेस सदस्य हमेशा पार्टी के नियमों या अनुशासन का सख्ती से पालन न करें, लेकिन हमें ऐसे बयान देने से बचना चाहिए. इनसे सिर्फ बीजेपी को खुशी मिलती है.'.
क्या दिया था शशि थरूर ने बयान?
शुक्रवार को थरूर ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का जिक्र किया था. इसमें उन्होंने कहा था कि दिलचस्प बात यह है कि सीजेपी ने जिन मुद्दों को उठाया, उन्हें मेरी पार्टी और राहुल गांधी ने छात्रों की गूंज के जरिए उठाया था. लेकिन हमें यह देखना होगा कि उन्हें उतनी सफलता क्यों नहीं मिली. हमें लोगों की नब्ज को समझने की जरूरत है.
थरूर अपनी पार्टी में स्वतंत्र राय रखने के लिए जाने जाते हैं. इसी सिलसिले में उन्होंने कहा था कि वो अपनी पार्टी के प्रति वफादार हैं, लेकिन वह अपनी स्वतंत्र राय रखते हैं. इसके अलावा शशि थरूर ने कहा था कि मेरे विरोधी मेरी राय का इस्तेमाल कर सकते हैं. कांग्रेस सबसे कम अलोकतांत्रिक पार्टी है. क्या आपने कभी सुना है कि बीजेपी में किसी ने असहमति जताई हो और पार्टी में बना रहा? मैं उस पार्टी में हूं, जो मेरी सोच के सबसे करीब है.
