रांची में छात्रों के आंदोलन के बीच JPSC के तीनों सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है. अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद, अनिमा हांसदा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. राज्यपाल संतोष गंगवार ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. सीआईडी समन के बाद जेपीएससी के सदस्यों ने ये फैसला लिया. सीआईडी आयोग की परीक्षाओं में अनियमितताओं की जांच कर रही है. तीनों सदस्यों को सोमवार (10 अगस्त) को पूछताछ के लिए बुलाया गया है.

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जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक को लेकर बीते 16 दिनों से आंदोलन जारी है. इस बीच रविवार (09 अगस्त) को आंदोलनकारी छात्रों और सरकार के बीच तीसरे दौर की वार्ता हुई. इस दौरान हेमंत सोरेन की सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों की कई बड़ी मांगें मान ली हैं.

14वीं JPSC सिविल सेवा प्री परीक्षा रद्द करने का फैसला

बैठक में बनी सहमति के तहत छात्रों के भारी विरोध और अनियमितताओं के गंभीर आरोपों को देखते हुए 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया है. इसके साथ ही विवादित वेंडर एजेंसी 'टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा आयोजित की गई सभी पूर्व परीक्षाओं के दौरान वित्तीय लेनदेन के आरोपों की जांच ED से कराने पर भी हेमंत सोरेन की सरकार ने सहमति जताई है.

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10 अगस्त को विधानसभा घेराव की घोषणा

हालांकि प्रदेश की सरकार ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करने की आंदोलनकारी छात्रों की मांग को फिलहाल मानने से इनकार किया है. लेकिन सरकार ने ये कहा है कि इस परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों की न्यायिक जांच कराई जाएगी. इस बीच छात्रों ने इस प्रमुख मांग को नहीं माने जाने के चलते 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की घोषणा की है. 

उधर, बातचीत के बीच ही हाई लेवल कमेटी में शामिल मंत्रियों ने भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की. मंत्रियों ने उनसे भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की. फिलहाल अनशनकारियों ने अनशन जारी रखने की बात कही है.

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