नीट परीक्षा पेपर लीक के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच शुक्रवार (24 जुलाई, 2026) को एक अहम बैठक हुई है. यह बैठक दो घंटे तक चली, जिसमें छात्रों की तरफ से CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने सरकार के सामने अपनी तीन मांगों को एक बार फिर से दोहराया. बातचीत के बाद सरकार की तरफ से CJP के तीन में से दो मांगों को मान लिया गया है, जबकि एक मांग पर सरकार की तरफ से सहमति नहीं मिली है.
CJP ने किन तीन मांगों को सरकार के सामने दोहराया
देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित विट्ठल हाउस में केंद्र सरकार की तरफ से स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और पीएमओ राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार (24 जुलाई, 2026) को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों से मुलाकात की. इस दौरान सीजेपी प्रतिनिधियों ने सरकार के सामने अपनी तीन मांगें रखीं. पहली- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लिया जाए, दूसरी- नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा दिया जाए और तीसरी मांग यह है कि आंदोलन करने वाले लोगों पर कोई कानूनी कार्रवाई न की जाए, और जिनके खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं, उन्हें वापस लिया जाए.
सरकार ने किन दो मांगों को माना, किस पर किया इनकार?
केंद्र सरकार ने सीजेपी प्रतिनिधियों की दूसरी और तीसरी शर्त यानी तीन में से दो मांगों को मान लिया है, जिसमें आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने और आंदोलन करने वाले छात्रों के खिलाफ कानून कार्रवाई न करने की मांग की गई है, लेकिन पहली मांग पर अब तक सरकार की तरफ से इनकार ही है. दरअसल, पहली शर्त में सीजेपी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है, जिस पर सरकार ने अभी तक कोई सहमति नहीं जताई है.
सरकार के साथ बैठक के बाद सीजेपी प्रतिनिधियों ने क्या कहा?
केंद्र सरकार के साथ बैठक के बाद सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, ‘हमारी तीन मांगें हैं- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, परिवार को मुआवजा और FIR वापस लेना और यह भरोसा दिलाना कि भविष्य में छात्रों के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं की जाएगी. सरकार के साथ हमारी दो घंटे की बैठक हुई, इस दौरान सरकार ने हमारी दो मांगों को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा एक ऐसी मांग है, जिस पर कोई समझौता नहीं हो सका.’
उन्होंने कहा, ‘सरकार ने इस पॉइंट पर अपना जवाब देने के लिए कल दोपहर तक का समय मंगा है. हम कल शनिवार (25 जुलाई, 2026) की दोपहर 3:30 बजे सरकार के साथ फिर से एक बैठक करेंगे. अगर सरकार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सहमत नहीं होती है, तो हम शांतिपूर्ण तरीके से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे.’
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