प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले दो दिनों से देर रात इंस्टाग्राम पर सेल्फी स्टाइल वर्टिकल वीडियो पोस्ट कर रहे हैं. हालांकि यह उनका पारंपरिक राजनीतिक वीडियो फॉर्मेट नहीं है लेकिन पीएम मोदी की पोस्ट का समय और वीडियो का फॉर्मेट को देखकर कुछ तकनीकी बातें समझी जा सकती हैं.

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ऐसे में माना जा रहा है कि क्या PM मोदी इंस्टाग्राम के एल्गोरिदम को टारगेट कर रहे हैं? इसी के जरिए पीएम मोदी की Gen Z तक पहुंचने की नई डिजिटल रणनीति को समझा जा सकता है. Gen Z जंतर-मंतर पर लगातार पेपर लीक और एजुकेशन सिस्टम के मामलों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. इसलिए पीएम मोदी ने भी उन्हीं मुद्दों पर फोकस कर वीडियो पोस्ट किया था.

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बता दें कि NEET पेपर लीक और जंतर-मंतर से जुड़े छात्र आंदोलन सबसे ज़्यादा इंस्टाग्राम रील्स के जरिए ही वायरल हुए. लाखों-करोड़ों व्यू वाली Reels ने दिखाया कि 18-30 साल की ऑडियंस अपना ज्यादातर समय इंस्टाग्राम पर ही बिता रही है. अगर किसी नेता को इसी वर्ग तक पहुंचना है तो सबसे आसान रास्ता वही प्लेटफॉर्म है जहां वह पहले से मौजूद हैं.

इंस्टाग्राम (Instagram) फॉलोअर्स से नहीं Interest से चलता है. Reels सिर्फ आपके Followers को नहीं दिखती. बल्कि Algorithm यह देखता है कि किस यूजर का Interest (रुचि) किस तरह के विषयों में है.

इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा वायरल आंदोलन रील्स ऐसे में अगर कोई व्यक्ति लगातार छात्र आंदोलन, NEET, Jantar Mantar या राजनीतिक मुद्दों से जुड़ी Reels देख रहा है तो उसी तरह के नए वीडियो भी उसकी Feed में आने लगते हैं, चाहे उसने उस अकाउंट को Follow किया हो या नहीं किया है. इससे कोई फर्क नही पड़ता. इंस्टाग्राम आपकी रुचि के मुताबिक कॉन्टेंट आपको दिखाता है. इसका मतलब साफ है कि पीएम मोदी का इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट करना सिर्फ Followers नहीं बल्कि Interest Graph में जगह बनाने जैसा है.

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