यूक्रेन में चल रहे युद्ध के बीच गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में छात्रों को वापस लाने संबंधी एख याचिका दायर की गई. इस याचिका दायर करने वाले एक वकील की मांग थी कि यूक्रेन से छात्रों को निकालने के लिये कोर्ट भारत सरकार को निर्देश दे. 


मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना की बेंच ने इस मामले की सुनवाई करते हुये कहा कि भारत सरकार पहले ही वहां फंसे भारतीयों को निकालने के लिये अपना काम कर रही है. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मैं वहां फंसे नागरिकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं और मुझे उनके लिये खेद है, क्या आप यह चाहते हैं कि मैं रूस के राष्ट्रपति पुतिन से कहूं कि वह युद्ध रोक दें? क्या मैं रूस के राष्ट्रपति को युद्ध रोकने का निर्देश दे सकता हूं? 






इस मामले में कोर्ट ने अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल से बेंच की सहायता करने को कहा. आपको बता दें कि रूस (Russia) और यूक्रेन (Ukraine) के बीच चल रहे युद्ध का आज आठवां दिन है. जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, वैसे-वैसे रूस के हमले तेज होते जा रहे हैं.


खारकीव में तीन स्कूल और एक चर्च हमले में तबाह हो गये हैं. वहीं संयुक्त राष्ट्र ने दावा किया है कि 1 मार्च तक इस हमले में यूक्रेन में 752 लोगों ने अपनी जान गंवाई है. ऐसे में सरकार वहां पर फंसे भारतीयों को निकालने के लिये ऑपरेशन गंगा चला रही है.


विदेश मंत्रालय ने दिये छात्रों को निकालने के आदेश


नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने बताया कि पहला परामर्श जारी होने के बाद से यूक्रेन की सीमा से करीब 17,000 भारतीय निकल गए हैं. उसने यह भी बताया कि भारतीयों को देश वापस लाने को लेकर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन गंगा’ अभियान के तहत पिछले 24 घंटे में छह उड़ान भारत पहुंच चुकी हैं.


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि यूक्रेन से निकासी अभियान के तहत अब तक कुल 15 उड़ान भारत आ चुकी हैं. उन्होंने बताया कि अगले 24 घंटे मे 15 उड़ान निर्धारित की गई हैं, जिनमें से कुछ रास्ते में हैं. इस अभियान में भारतीय वायु सेना को भी लगाया गया है.


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