मुंबई: बीएमसी में बुधवार को बीजेपी और शिवसेना के पार्षदों की तीखी नोकझोंक के बीच एक तरफ जहां बीजेपी पार्षदों ने 'मोदी, मोदी' के नारे लगाए, वहीं शिवसेना पार्षदों ने 'चोर है, चोर है' के नारे लगाए. यह घटना महाराष्ट्र के वित्तमंत्री सुधीर मुंगतीवार और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में घटी, जो जीएसटी को लागू करने को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने बीएमसी पहुंचे थे.

शिवसेना का 'चोर है, चोर है' का नारा

जैसे ही उद्धव ठाकरे बीएमसी मुख्यालय पहुंचे, बीजेपी पार्षदों ने जोर-जोर से 'मोदी, मोदी' के नारे लगाने शुरू कर दिए, जिसके जवाब में शिवसेना पार्षद 'चोर है, चोर है' के नारे लगाने लगे.

बीजेपी पार्षद मकरंद नारवेकर से कथित तौर पर शिवसेना पार्षदों ने बीएमसी भवन के बाहर वेटिंग रुम में हाथापाई की. शिवसेना के पार्षद किशोरी पेडणेकर ने कहा कि जब कुछ पार्षदों ने शिवसेना के संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे के खिलाफ नारे लगाए, तब उन्होंने प्रतिक्रिया की.

बीएमसी को सौंपा 647 करोड़ रुपये का चेक

वहीं, नारवेकर ने अपनी तरफ से बाल ठाकरे के खिलाफ अपमनानजक शब्दों के इस्तेमाल से इनकार किया. बाद में मुंगतीवार ने जीएसटी के कारण नुकसान के मुआवजे के तौर पर बीएमसी को 647 करोड़ रुपये का चेक सौंपा.

मुंगतीवार ने कहा, "राज्य सरकार कतई नहीं चाहती है कि किसी भी तरह से मुंबई की प्रगति प्रभावित हो, इसलिए हम हम यह रकम जीएसटी लागू करने के कारण हुए घाटे के मुआवजे के तौर पर सौंप रहे हैं."