पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया है. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी 'फर्जी वोटरों की सफाई प्रक्रिया' से घबराई हुई हैं और यही वजह है कि टीएमसी अब बौखलाहट में है.

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प्रदीप भंडारी ने अपने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'क्या ममता बनर्जी फर्जी वोटर डिलीशन से डरी हुई हैं? ममता बनर्जी की टीएमसी अब पूरी तरह से घबराहट के मोड में है, क्योंकि अब बंगाल की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर फर्जी वोटरों का कब्जा खत्म होने जा रहा है.'

भाजपा का ममता बनर्जी पर आरोप

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उन्होंने 'एक्स' पोस्ट में आगे लिखा कि ममता बनर्जी का यह शोर-शराबा जनता के लिए नहीं है, बल्कि उन वोटरों के लिए है, जिन पर उनकी राजनीति टिकी हुई है. भंडारी के अनुसार, ममता बनर्जी का सबसे बड़ा अवैध वोट बैंक तीन हिस्सों में बंटा है, जिसमें अवैध घुसपैठिए, फर्जी वोटर आईडी वाले लोग और कट-मनी की राजनीति से जुड़े लोग शामिल हैं.

प्रदीप भंडारी ने कहा, 'ममता बनर्जी जानती हैं कि जब फर्जी नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे, तब उनकी घुसपैठ पर आधारित राजनीति ध्वस्त हो जाएगी. उन्होंने दावा किया कि बंगाल में लंबे समय से फर्जी वोटिंग और अवैध घुसपैठ की राजनीति चल रही है, लेकिन अब SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची की सफाई होने से यह खेल खत्म होने वाला है.

'सच्चाई का आईना' बनाम 'राजनीतिक प्रोपेगेंडा'

भंडारी ने अपने आधिकारिक 'एक्स' पोस्ट के अंत में कहा, 'ममता बनर्जी को जाना होगा, ताकि पश्चिम बंगाल को अवैध घुसपैठ और फर्जी वोटिंग से बचाया जा सके.' राजनीतिक गलियारों में प्रदीप भंडारी के इस बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है. एक ओर भाजपा समर्थक इसे 'सच्चाई का आईना' बता रहे हैं तो दूसरी ओर टीएमसी ने इसे 'राजनीतिक प्रोपेगेंडा' करार दिया है.

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