पूर्वी बेंगलुरु के सुब्रमण्यम लेआउट में 3 जनवरी 2026 की रात करीब 10:15 बजे एक अपार्टमेंट से धुआं उठता दिखाई दिया. दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे तो एक फ्लैट के भीतर 34 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर शर्मिला डी.के. का जला हुआ शव मिला. शुरुआती जांच में मामला शॉर्ट सर्किट का लगा, लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज्यादा डरावनी थी.

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जांच ने तब मोड़ लिया, जब मृतका की एक करीबी दोस्त ने संदेह जताया. इसके बाद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया. फॉरेंसिक टीम की ओर से फ्लैट की जांच करने पर किसी भी तरह के शॉर्ट सर्किट के सबूत नहीं मिले. वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सच से पर्दा उठा दिया, जांच में पता चला की शर्मिला की मौत आग लगने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी.

सबूतों की मदद से पुलिस ने उसी इमारत में रहने वाले 18 वर्षीय पीयूसी छात्र तक पहुंचने में सफलता हासिल की. आरोप है कि छात्र रात करीब 9:00 बजे स्लाइडिंग खिड़की के रास्ते फ्लैट में घुसा. उसने शार्मिला से यौन संबंध बनाने की मांग की. विरोध करने पर उसने शर्मिला का मुंह और नाक दबाकर दम घोंट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई.

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मृतका का फोन साथ ले गया

हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए आरोपी ने खाली पड़े कमरे में कपड़े और अन्य सामान इकट्ठा कर आग लगा दी, ताकि मामला हादसा लगे. जाते-जाते वह शर्मिला का मोबाइल फोन भी साथ ले गया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. वह विराजपेट का रहने वाला है और बेंगलुरु में अपनी सिंगल मदर के साथ रह रहा था. आरोपी पर BNS की धाराएं 103(1), 64(2), 66 और 238 के तहत केस दर्ज किया गया है, जिसके बाद उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा दिया गया है. पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी.

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