भारत में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए. सोमवार (22 सितंबर) सुबह करीब 3 बजे अरुणाचल प्रदेश में भूकंप आया, जिसकी रिक्टर पैमाने पर 3.2 तीव्रता मापी गई. अहम बात यह है कि भूकंप की वजह से किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है. अरुणाचल में इस साल मार्च में भी आया था. 

'नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी' के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश के सियांग में भूकंप आया. सियांग का ऊपरी हिस्सा भूकंप की वजह से प्रभावित रहा. अरुणाचल के वेस्ट कामेंग में इस साल 14 मार्च को भूकंप आया था, जिसकी 4.0 तीव्रता दर्ज की गई थी. वहीं तवांग में पिछले साल 28 सितंबर को भूकंप आया था. 26 सितंबर 2024 को बसार के पास भी भूकंप आया था. इसकी 5.7 तीव्रता दर्ज की गई थी.

गुजरात के कच्छ में भी भूकंप

गुजरात के कच्छ जिले में भी रविवार को भूकंप आया, जिसकी 3.1 तीव्रता दर्ज की गई. आईएसआर ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा कि भूकंप दोपहर 12 बजकर 41 मिनट पर आया और इसका केंद्र भचाऊ से लगभग 12 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था. रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले सुबह लगभग छह बजकर 41 मिनट पर कच्छ में 2.6 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र धोलावीरा से 24 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में था.

भारत से पहले बांग्लादेश में भी आया भूकंप

भारत से ठीक पहले बांग्लादेश में भी भूकंप के झटके महसूस हुए. ढाका और बांग्लादेश के कई अन्य हिस्सों में रविवार (21 सितंबर) दोपहर को भूकंप का हल्का झटका आया, जिसका केंद्र छातक, सिलहट में था. ‘ढाका ट्रिब्यून’ ने बांग्लादेश मौसम विज्ञान विभाग (बीएमडी) के हवाले से बताया कि दोपहर 12:19 बजे 4.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिसका केंद्र ढाका से लगभग 185 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था.

रूस का कामचटका भूकंप को लेकर काफी संवेदनशील जगह है. यहां अक्सर भूकंप आता रहता है. कामटचका में 19 सितंबर को भी भूकंप आया था और इससे पहले भी रिक्टर पैमान पर 6 से ज्यादा की तीव्रता के भूकंप आ चुके हैं. इंडोनेशिया और फिलीपींस में भी भूकंप आ चुका है.

इनपुट - पीटीआई