संसद के मानसून सत्र खत्म होने के ठीक एक दिन पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बड़ा दांव चलते हुए कहा कि वो नीट परीक्षा छात्र प्रदर्शन के मुद्दे पर उत्तर देने को तैयार हैं. उन्होंने विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी लिख कर नीट परीक्षा छात्र प्रदर्शन पर सदन में चर्चा की मांग की. 

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मौजूदा सत्र के दौरान विपक्ष दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर अमित शाह के बयान और राम मंदिर चंदा चोरी पर चर्चा की मांग करता रहा और जमकर हंगामा हुआ. सदन की कार्यवाही न के बराबर चल सकी.

इस बीच सरकार ने सोमवार को कहा कि अमित शाह चर्चा को तैयार हैं, लेकिन विपक्ष नहीं भागे. इसके बाद विपक्ष ने कहा कि हम अपने मुद्दे से नहीं भाग रहे. राम मंदिर चंदा चोरी पर भी चर्चा हो. हालांकि गतिरोध खत्म नहीं हुआ. अब अमित शाह ने खुद पत्र लिखकर चर्चा कराने की मांग की है.  

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विपक्ष के किसी भी सांसद ने NEET परीक्षा पर विचार नहीं रखा- अमित शाह

उन्होंने लिखा, ''आपको विदित है कि संसदीय कार्य मंत्री, किरेन रिजीजू ने बिज़नेस एडवाइजरी कमिटी की बैठक में सरकार की ओर से संसद में NEET परीक्षा पर छात्र आंदोलन पर चर्चा हेतु सहमति दी है. मैं यह भी उल्लेख करना चाहता हूं कि विपक्ष के आग्रह से पूर्व में ही, संसद के वर्तमान सत्र में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 पर चर्चा हो चुकी है, जिसमें विपक्ष के किसी भी माननीय सांसद ने NEET परीक्षा के संबंध में सदन में कोई भी विचार व्यक्त नहीं किया. इसके बावजूद, सरकार पुनः इस मुद्दे पर चर्चा हेतु तैयार है.''

चर्चा में भाग लेना चाहता हूं- अमित शाह

अमित शाह ने कहा, ''मेरा आपसे अनुरोध है कि आप विपक्ष से चर्चा कर, आपसी सहमति से आज से जितने समय, जितने घंटे आप उचित समझें, उतना समय आवंटित करने की कृपा करें. मैं निर्धारित समय के दौरान सदन में उपस्थित रहकर, इस मुद्दे पर चर्चा में भाग लेना चाहता हूं और विपक्ष के सभी प्रश्नों का उत्तर देने के लिए तैयार हूं.''

गृहमंत्री ने कहा, ''लोकतंत्र में चर्चा और संवाद से ही समाधान निकलता है. मेरा, लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्थाओं में अटूट विश्वास है और मेरा यह मानना है कि यह सदन चर्चा और संवाद के लिए ही है. अतः, आपसे आग्रह है कि विपक्ष के नेताओं से चर्चा करके, इस महत्वपूर्ण विषय पर एक अच्छे वातावरण में चर्चा कराने की कृपा करें, ताकि इस विषय पर पक्ष विपक्ष के सभी माननीय सदस्य अपने बहुमूल्य मत एवं विचार प्रस्तुत कर सकें.''