धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हमारे लिए पद से ज्यादा महत्वपूर्ण देश और युवा छात्र हैं. धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई दोपहर में अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि पिछले 10 दिन के घटनाक्रम से उनका मन बेहद दुखी है और यह मुद्दा उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार देश के युवाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक के खिलाफ सुधार के लिए प्रतिबद्ध है.

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बीजेपी के लिए देश महत्वपूर्ण: अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'बीजेपी के कार्यकर्ताओं के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश, हमारी युवा पीढ़ी और विद्यार्थी हैं. आज धर्मेंद्र प्रधान जी  का अपने पद से इस्तीफा इसी को दर्शाता है. मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक के विरुद्ध आवश्यक सुधारों के लिए कटिबद्ध है. पेपर लीक के दोषियों को कठोर दंड मिले, इसके लिए मोदी जी द्वारा लिए गए निर्णय सराहनीय हैं. मुझे पूर्ण विश्वास है कि इन कदमों से NEET परीक्षा में सफल हुए विद्यार्थियों के साथ पूरा न्याय होगा.'

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गृह मंत्री ने धर्मेंद्र प्रधान के कामों को गिनाया

उन्होंने कहा, 'धर्मेंद्र प्रधान जी ने अपने कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन, मातृभाषाओं में परीक्षाओं की व्यवस्था, पीएम श्री विद्यालयों के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, कौशल विकास और उद्योग-अकादमिक समन्वय को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं. परीक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में भी उनके प्रयास उल्लेखनीय रहे हैं. उनका कार्यकाल भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के प्रति उनके समर्पण का परिचायक है.'

प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है. इसी बीच, राष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्रिमंडल मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है, जबकि वे खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री के रूप में अपना मौजूदा कार्यभार भी संभालते रहेंगे. देश के कई हिस्सों में जोर पकड़ने वाले इन विरोध प्रदर्शनों ने मंत्रालय को गहन जन और राजनीतिक जांच के दायरे में ला दिया था.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं में खुशी की लहर है. प्रदर्शनकारियों ने इसे अपने लंबे आंदोलन की पहली बड़ी सफलता करार देते हुए जश्न मनाया. छात्रों का कहना है कि यह केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन केवल इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने तक जारी रहेगा.