अमरनाथ यात्रा के दौरान पाकिस्तान के संभावित ड्रोन वाली साजिश को रोकने के लिए जम्मू के संवेदनशील कठुआ जिले में एंटी ड्रोन सिस्टम लगाया गया है. इसके साथ ही भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगने वाले इलाकों को भी सुरक्षा बल लगातार खंगाल रहे हैं. 3 जुलाई से शुरू होने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने कठुआ से लेकर श्रीनगर तक के करीब 400 किलोमीटर नेशनल हाईवे पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए है.
कठुआ के आसपास पाकिस्तान ड्रोन आए नजर
जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर में अमरनाथ यात्रियों के लिए बनाए गए यात्रा रिसेप्शन सेंटर में शुक्रवार (19 जून 2026) को सुरक्षा बलों द्वारा संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें जवानों ने अपने दमखम और तत्परता का प्रदर्शन किया. कठुआ और इसके आसपास के इलाकों में पाकिस्तान लगातार भारतीय सीमा में हथियार और ड्रग्स भेजने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करता है और इसके साथ ही भारतीय जवानों की लोकेशन का पता लगाने के लिए भी पाकिस्तान ड्रोन उड़ता है. इस बार यात्रा की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए यात्रा रिसेप्शन सेंटर में एंटी-ड्रोन सिस्टम भी स्थापित किया गया है. यह प्रणाली किसी भी संदिग्ध ड्रोन गतिविधि पर नजर रखने में सक्षम होगी.
सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई
यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए लखनपुर से लेकर पूरे यात्रा मार्ग तक हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. वहीं, यात्रा रिसेप्शन सेंटर के आसपास और रावी दरिया से सटे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है. मॉक ड्रिल के दौरान सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस तथा एसओजी के जवानों ने संयुक्त रूप से पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया. सुरक्षा बलों ने रावी दरिया के किनारों और आसपास के जंगलों की भी गहन जांच की और किसी भी संभावित खतरे से निपटने की अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया.
सुरक्षा बलों की ओर से संयुक्त मॉक ड्रिल किया गया
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखना है. उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा के दौरान किसी भी तरह की सुरक्षा चूक न हो, इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम पहले ही सुनिश्चित किए जा रहे हैं. अधिकारियों ने विश्वास जताया कि सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण यात्रा का वातावरण उपलब्ध कराने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं.
