नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में इफ्तार पार्टी में शामिल होने पहुंचे आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने मुस्लिमों से घर में तुलसी का पेड़ लगाने और गोश्त ना खाने की सलाह दी है. साथ ही उन्होंने तीन तलाक को महापाप करार दिया.

उन्होंने हिन्दू आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं में खुद का नाम उछाले जाने पर कहा कि भारत सरकार ने उन्हें फंसाने की कोशिश की लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिल पाई और सरकार ही बदल गई.

इफ्तार के बाद मीडिया से बात करते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि रमजान एक पवित्र महीना है. लोग रोजा रख कर खुद को पवित्र करते हैं. इंद्रेश कुमार ने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने मुस्लिमों से अपील की है कि रमजान में पर्यावरण के लिए पेड़ लगाएं, घर में तुलसी का पौधा लगाएं ताकि जन्नत नसीब हो. गोश्त ना खाएं वो एक बीमारी है. दूध औषधि है, इसलिए मंच द्वारा इफ्तार में दूध का इस्तेमाल किया जा रहा है.

इंद्रेश कुमार का जामिया में विरोध भी हुआ. विरोध पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि जिन्होंने विरोध किया वो शैतान के रास्ते पर जा रहे हैं, हालांकि हमने उनके लिए भी दुआ की. विरोध के बदले उन्हें बात करनी चाहिए थी कि मुल्क और मुसलमानों की तरक्की की बात करनी चाहिए थी. उन्हें बात करनी चहिए थी कि हमें पत्थर-बंदूक नहीं चाहिए, पाकिस्तान का नहीं हिंदुस्तान का झंडा चाहिए.

मोदी सरकार द्वारा इफ्तार पार्टी आयोजित ना करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि केवल इफ्तार पार्टी की बात करना ही साम्प्रदायिक है. हिंदुस्तान की सरकार सेकुलर सरकार है. उसे अगर इफ्तार पार्टी करनी चाहिए तो उसे अन्य त्योहार भी मानना चाहिए. आज की सरकार ने साम्प्रदायिकता का विष खत्म किया है और सद्भावना का अमृत लाया है इसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं.

रेप के लिए वैलेंटाइन डे को जिम्मेदार ठहराने वाले अपने कथित बयान पर सवाल पूछने पर इंद्रेश कुमार ने कोई जवाब नहीं दिया. इस इफ्तार पार्टी का आयोजन आरएसएस से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने किया था. इसमें जामिया के कुलपति को भी शामिल होना था लेकिन वो नहीं आए. विरोध के मद्देनजर जामिया परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था.