आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केन्द्र और राज्य सरकार पर बुधवार को निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बीजेपी में अगर हिम्मत होती तो वह चुनाव लड़ती ना कि हमारे एमएलसी को तोड़ती. अखिलेश नत्‍थूपुर में आयोजित शहीद मेला और शहीद रामसमुझ यादव की प्रतिमा अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि बीजेपी में दम था तो सीधे चुनाव लड़ते और ‘प्रसाद’ देकर हमारे एमएलसी तोड़ना गलत है. हमारे एमएलसी को ‘प्रसाद’ देकर तोड़ लिया, ना जाने कौन सा ‘प्रसाद’ देते हैं बीजेपी वाले.

अखिलेश यादव ने कहा, ‘‘सीमा पर फौजी रक्षा कर रहे है तो देश के अंदर की सुरक्षा हमें करनी होगी. हमें अपनी फौज पर गर्व है जो लगातार सीमा की रक्षा कर रही है. लेह लद्दाख से लेकर कश्मीर तक हमारी फौज जाती है.’’ उन्‍होने कहा ‘‘जिस देश के पास अच्छी सड़कें और अच्‍छी शिक्षा की सुविधा है तो उन्हें आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता. हमने 23 महीने में लखनऊ आगरा एक्‍सप्रेस वे बना दिया, समय नहीं मिला वरना हम आगे भी बनाते.’’

अखिलेश ने पूछा कि ‘अच्छे दिन’ और ‘न्यू इंडिया’ में क्या फर्क है. 'न्यू इंडिया' तब बनेगा जब किसान आगे बढ़ेंगे. पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने ऐसे ही ‘‘जय जवान, जय किसान’’ का नारा नहीं दिया था. उन्‍होंने कहा कि हमे देश के अंदर शांति और एकता बनानी है लेकिन कुछ लोग ना जाने कौन-कौन सी चीजें फैला रहे हैं. उन्होंने कहा कि हिंदी में कहावत है कि ‘पूत के पांव पालने में ही दिख जाते है’, इनकी नीति दिख गयी है. किसानों को बेवकूफ बना रहे है.

यूपी के पूर्व सीएम ने कहा ‘‘हमने सुना है कि सरकार बोल रही है कि हमने यश भारती अपने लोगों को दिया. हम कह रहे है कि केंद्र में भी आपकी सरकार है और प्रदेश में भी, हमने उन्हें जितनी पेंशन दी आप भी देकर दिखा दो. नेताजी ने अमिताभ बच्चन को यश भारती देकर इसकी शुरुआत की थी. हमने हर कलाकार को, जिन्होंने मेहनत की उनको यह सम्मान दिया, सूची निकाल के देख लो.’’ उन्होंने कहा ‘‘ जिन माताओं और बहनों की पेंशन रोक दी गयी है आज उनसे सरकार के बारे में पूछो. हमारी सरकार में पुलिस ठीक थी, अब तो गड़बड़ कर रही है. बोला जा रहा है कि अगर पुलिस नहीं बदली तो डायल-100 सुविधा बंद कर देंगे, हम कहते है आप नहीं सुधरे तो 2019 में यह जनता आपको हटा देगी.’’

अखिलेश यादव ने सवाल किया कि अगर भ्रष्टाचार ख़त्म हो गया होता तो औरैया में जो हुआ वह ना होता. राज्य के बहुत से हिस्से बाढ़ से ग्रस्त है, सरकार ने उनकी मदद उस पैमाने पर नहीं की. गाय को लेकर वोट मांगे थे, लेकिन गाय के लिए क्या किया.