नई दिल्ली: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलिमीन (एआईएमएआईएम) प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने काग्रेस के वरिष्ट नेता गुलाम नबी आजाद पर पलटवार किया है. ओवैसी ने कहा है कि गुलाम नबी आजाद कांग्रेस में निराश हैं. उनके बयान से साफ पता चलता है कि वह कैसे अपनी ही पार्टी में गैरजरूरी हो गए हैं. भारत के मुसलमानों को लिए यह एक संदेश है कि वह कांग्रेस के लिए वोट न करें.''
बता दें कि वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने शिकायत की थी कि अब वक्त बदल गया है और उन्हें अपने कार्यक्रम में बुलाने वाले हिंदू भाइयों और नेताओं की संख्या घट गई है. गुलाम नबी आजाद ने कहा था, ''बीते चार सालों में मैंने पाया है कि अपने कार्यक्रमों में बुलाने वाले जो 95 फीसदी हिंदू भाई और नेता हुआ करते थे, अब उनकी संख्या घटकर महज 20 फीसदी रह गई है."
गुलाम नबी आजाद कहते हैं कि वो जब यूथ कांग्रेस में थे, तब से ही अंडमान-निकोबार से लेकर लक्षद्वीप तक, देशभर के कोने-कोने में कैंपेन के लिए जाते रहे हैं और उन्हें बुलाने वालों में 95 फीसदी हिंदू भाई और नेता हुआ करते थे, जबकि सिर्फ 5 फीसदी ही मुसलमान उन्हें अपने कार्यक्रमों में बुलाया करते थे. अपना दुख व्यक्त करते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता आजाद कहते हैं कि ऐसा होना ये बताता है कि कुछ गलत हो रहा है. वो कहते हैं, ''आज मुझे बुलाने से आदमी डरता है कि इसका वोटर पर क्या असर होगा?''
दरअसल, गुलाम नबी आजाद ने अपने बयान से उस सोच को बल देने की कोशिश की है कि केंद्र की मोदी सरकार के दौर में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच दूरियां बढ़ी हैं और सांप्रदायिक माहौल खराब हुए हैं.
