अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुतक्की शनिवार (11 अक्टूबर, 2025) को विश्वविख्यात इस्लामी शिक्षण संस्था दारुल उलूम देवबंद का दौरा करेंगे, जहां मुतक्की भारतीय उलेमा से संवाद करेंगे. इसके साथ ही वह संस्था के वरिष्ठ शिक्षक व जमीअत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी से भी मुलाकात करेंगे.
मीडिया से बातचीत के दौरान विदेश मंत्री मुतक्की ने ये बताया कि आखिर वह देवबंद क्यों जा रहे हैं. उन्होंने कहा, ''देवबंद इस्लामी दुनिया का एक बड़ा केंद्र है और यह अफगानिस्तान से जुड़ा हुआ है. देवबंद एक रूहानी मरकज है. देवबंद एक बड़ा इस्लामी मरकज है और अफगानिस्तान और देवबंद जुड़े हुए हैं.''
अफगानिस्तान के छात्र भारत में लेंगे शिक्षा
उन्होंने आगे कहा, ''मैं कल देवबंद के नेताओं से मिलने जा रहा हूं. हम चाहते हैं कि हमारे आध्यात्मिक छात्र भी यहां आकर अध्ययन करें. देवबंद एक प्रतिष्ठित शैक्षिक और रूहानी केंद्र है. हमारे यहां से छात्र भारत में इंजीनियरिंग, साइंस वगैरा पढ़ने आते हैं, वैसे ही इस्लामी शिक्षा के लिए भी आते हैं.'' अफगानिस्तान से खतरे की बात को लेकर भी मुतक्की ने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि जो ये बात कहते हैं, वो पहले सबूत पेश करें.
दरअसल अफगानिस्तान के विदेश मंत्री इन दिनों भारत के दौरे पर हैं. उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात के बाद भारत की जमकर तारीफ की. अपने बयान में मुतक्की ने कहा कि अफगानिस्तान ने कभी भी भारत के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया.
'अफगानिस्तान, भारत के साथ चाहता है अच्छे संबंध'
अफगान विदेश मंत्री ने आगे कहा कि अफगानिस्तान हमेशा भारत के साथ अच्छे संबंधों को महत्व देता है. अफगानिस्तान आपसी सम्मान, व्यापार और लोगों के बीच आपसी संबंधों पर आधारित संबंध चाहता है. दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक दौरान अपने शुरुआती भाषण में मुतक्की ने कहा कि अफगानिस्तान कभी भी किसी को अपने क्षेत्र का इस्तेमाल दूसरों के खिलाफ करने की अनुमति नहीं देगा.
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