इंदौर: नागरिकता संशोधन कानून का विरोध मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय कर रहा है. बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चे से जुड़े कार्यकर्ता इस मुद्दे पर मश्किल में नजर आ रहे हैं कि वे पार्टी का साथ दें या फिर अल्पसंख्यक समुदाय के साथ खड़े रहें. इसी कड़ी में इंदौर में बीजेपी के मंडल और मोर्चे से जुड़े विभिन्न पदों पर काम करने वाले लगभग 80 सदस्यों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की है.

इस्तीफा देने वाले बीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि सीएए के जरिए देश को धार्मिक आधार पर बांटने का काम केंद्र सरकार कर रही है. जो संविधान की मूल भावना के खिलाफ है. ऐसे में वह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को अपना इस्तीफा देगें.

इंदौर में मीडिया से बातचीत करते हुए अल्पसंख्यक नेता राजिक फर्शीवाला ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस कानून को लागू करके असंवैधानिक कदम उठाया है. इसलिए सभी सदस्य अपना इस्तीफा पार्टी के अध्यक्ष को प्रेषित कर रहे हैं. राजिक फर्शीवाला को बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का खास समर्थक माना जाता है. हालांकि बीजेपी की सदस्यता से इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने किसी अन्य पार्टी का साथ देने से फिलहाल इनकार कर दिया है.

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