नई दिल्लीः पुरी-हावड़ा शताब्दी एक्सप्रेस का नाश्ता खाने से 40 यात्रियों की तबियत खराब हो गई. इनमें से 14 यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना बुधवार सुबह की है. रेलवे प्रशासन का कहना है कि इस मामले की जांच करवाई जाएगी. ये सभी यात्री ट्रेन के कोच नंबर सी-1 और सी-2 में सफर कर रहे थे और इन्हें नाश्ता सुबह करीब सात बजे के बाद दिया गया था. यात्रियों ने नाश्ते के बाद जब पेट दर्द और उल्टी की शिकायत की तो ट्रेन के खड़गपुर पहुंचने पर करीब 11.45 बजे रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया.

यात्री काकाली सेनगुप्ता ने कहा, 'हमें भुवनेश्वर के बाद ट्रेन में ऑमलेट और ब्रेड परोसा गया था. इसे खाने के बाद हमारे पेट में दर्द शुरू हो गया और हम में से काफी लोगों को उल्टी होनी शुरु हो गई.' काकाली का अपने पति रूपम सेनगुप्ता के साथ अस्पताल में इलाज चल रहा है. उनके दो बच्चे भी ट्रेन में नाश्ते का सेवन करने के बाद बीमार पड़ गए थे. ट्रेन पुरी से सुबह करीब 5.45 बजे निकली थी और नाश्ता 7 बजे परोसा गया था.

दक्षिण-पूर्व रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर संजॉय घोष ने बताया, 'यह खाना आईआरसीटीसी ने सप्लाई किया था और ट्रेन में पुरी से रखा गया था. इसे खाने के बाद कुछ यात्रियों की तबियत खराब हो गई. उन यात्रियों का खड़गपुर में इलाज चल रहा है. इस मामले में आईआरसीटीसी और हमारी ओर से जांच की जाएगी.'

खड़गपुर डिविजनल के डीआरएम के. राबिन कुमार रेड्डी ने बताया, 'खाने के सैंपल ले लिए गए हैं और हम लोग इस मामले में जरूरी कार्रवाई करेंगे. इसके अलावा हम इस मामले की भी जांच करेंगे कि क्या वेंडर ने बाहर से खाना तो नहीं लिया है.' जहां रेड्डी का कहना है कि कुछ यात्री हॉकर्स से भी खाना ला सकते हैं, वहीं यात्रियों का कहना है कि उन्होंने वही खाना खाया है जो ट्रेन में परोसा गया है.

रेलवे की तरफ से मांगी गई माफी

रेलवे की तरफ से इसके बारे में प्रतिक्रिया आई है कि 40 नहीं केवल 14 यात्रियों की तबियत खराब हुई है और बाकी लोगों को कोई परेशानी नहीं हुई. ट्रेन में 225 वेज और करीब 400 नॉन वेज ब्रेकफास्ट परोसे गए थे जिसमें ब्रेड ऑमलेट था. दूसरे किसी अन्य यात्री को कोई शिकायत नहीं हुई और सभी ठीक हैं. मामले के ऊपर कार्रवाई पहले ही करने के आदेश दिए जा चुके हैं और अभी तक फूड प्वॉइजनिंग के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है.

खड़गपुर डिविजनल के डीआरएम और आईआरसीटीसी के जीजीएम ने कहा कि मामले पर नजर बनाए हुए हैं और इस दुर्भाग्यशाली घटना के लिए रेलवे को अफसोस है.