अनुभवी विधायक और सीपीएम के पूर्व कद्दावर नेता जी. सुधाकरन को केरल विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर बनाया गया है. बुधवार (20 मई ) को लोक भवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ ली. इस मौके पर मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और उनके कैबिनेट सहयोगी मौजूद थे.

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प्रोटेम स्पीकर के तौर पर सुधाकरन गुरुवार को विधानसभा में 139 नवनिर्वाचित विधायकों को पद की शपथ दिलाएंगे, लेकिन उनका कार्यकाल शुक्रवार को नए स्पीकर के चुनाव होने तक ही रहेगा. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तिरुवनचूर राधाकृष्णन के स्पीकर चुने जाने की पूरी संभावना है, क्योंकि सत्ताधारी गठबंधन के पक्ष में वोटों की संख्या बहुत अधिक है.

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एलडीएफ के सदस्यों की घटी संख्या 

विधानसभा में यूडीएफ के पास फिलहाल 102 सीटें हैं, जबकि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के सदस्यों की संख्या घटकर 35 रह गई है. भाजपा ने तीन सीटों के साथ अपना खाता खोला है. जी. सुधाकरन को सोमवार को राज्य कैबिनेट ने प्रोटेम स्पीकर के रूप में नामित किया था. वह कभी दक्षिण केरल में सीपीएम के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक थे. चुनावों से पहले उन्होंने सीपीएम से नाता तोड़ा और निर्दलीय लड़कर विधायक बने हैं.

कौन हैं सुधाकरन?

सुधाकरन ने पार्टी की आधिकारिक लाइन के खिलाफ जाकर चुनाव लड़ने का फैसला किया था. दो बार के पूर्व मंत्री और वामपंथी शासन के दौरान एक मंझे हुए रणनीतिकार रहे सुधाकरन ने अपने पारंपरिक निर्वाचन क्षेत्र अंबालापुझा से चुनाव लड़ा था. निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरने के उनके फैसले के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने उन्हें अपना पूरा समर्थन दिया था.

प्रक्रियागत औपचारिकताओं से परे अब सबकी नजरें सदन के अंदर सीपीएम विधायकों के बर्ताव पर टिकी हैं, जब सुधाकरन प्रोटेम स्पीकर की कुर्सी संभालेंगे. इससे पहले, सोमवार को केरल में कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. केरल के राज्यपाल आरवी आर्लेकर ने उन्हें शपथ दिलाई थी. सतीशन के साथ 21 सदस्यों को मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई.

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