LIVE: दिल्ली-केंद्र अधिकार विवाद पर थोड़ी देर में आएगा सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ का फैसला
ABP News BureauLast Updated: 04 Jul 2018 04:35 AM
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PMKDMKधर्मपुरी:धर्मपुरी लोकसभा क्षेत्र तमिलनाडु में आता है यहाँ से 2014 के लोकसभा चुनाव में पट्टाली मक्कल काची के अंबुमणि रामदॉस 77146 वोटों के अंतर से जीते थे| धर्मपुरी लोकसभा क्षेत्र...More
PMKDMKधर्मपुरी:धर्मपुरी लोकसभा क्षेत्र तमिलनाडु में आता है यहाँ से 2014 के लोकसभा चुनाव में पट्टाली मक्कल काची के अंबुमणि रामदॉस 77146 वोटों के अंतर से जीते थे| धर्मपुरी लोकसभा क्षेत्र में मतदान लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 18 अप्रैल को हुआ था, यहाँ पर मुख्य मुकाबला Pattali Makkal Katchi के अंबुमणि रामदॉस और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के डॉ एस सेंथिल कुमार के बीच माना जा रहा है| 2014 के लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु की 39 सीटों में से अन्नाद्रमुक ने 44.3 प्रतिशत मतों के साथ 37 सीटों पर जीत दर्ज की थी तो वहीं भारतीय जनता पार्टी ने 5.5 प्रतिशत मतों के साथ 1 सीट पर जीत दर्ज की थी|धर्मपुरी 2014 लोकसभा चुनाव धर्मपुरी लोकसभा क्षेत्र में हुए 2014 के चुनाव में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था| यहाँ कुल 81.08% प्रतिशत लोगों ने मतदान किया था, जिसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 81.50% प्रतिशत और महिला मतदाताओं की संख्या 80.65% प्रतिशत रही थी तो वहीं 12693 लोगों ने नोटा का इस्तेमाल किया था| 2014 के लोकसभा चुनाव में यहाँ से 29 प्रतिनिधियों ने चुनाव लड़ा था जिनमें से 13 प्रतिनिधियों की जमानत जप्त हो गयी थी| 2014 के चुनाव में धर्मपुरी लोकसभा क्षेत्र के लोगों ने पट्टाली मक्कल काची के अंबुमणि रामदॉस पर अपना भरोसा जताया था जिन्होंने ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के मोहन.पी.एस को 77146 वोटों से हरा दिया था| धर्मपुरी लोकसभा क्षेत्र का इतिहास2014 लोकसभा चुनाव - 16वें लोकसभा चुनाव में पट्टाली मक्कल काची के अंबुमणि रामदॉस ने 2014 के लोकसभा चुनाव में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के मोहन.पी.एस को 77146 वोटों के अंतर से हरा दिया था|2009 लोकसभा चुनाव - 15वें लोकसभा चुनाव में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के प्रत्याशी ने पट्टाली मक्कल काची के प्रत्याशी को 135942 वोटों के बड़े अंतर से हराया था| द्रविड़ मुनेत्र कड़गम को 365812 और पट्टाली मक्कल काची को 229870 वोट मिले थे2004 लोकसभा चुनाव - 14वें लोकसभा चुनाव में पट्टाली मक्कल काची के प्रत्याशी ने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी को एकतरफा मुकाबले में हरा दिया था| यहाँ पर PMK के Senthil, Dr. R. को 397540 और BJP के Elangovan. P. D. को 181450 वोट मिले थे1999 लोकसभा चुनाव - 13वें लोकसभा चुनाव में पट्टाली मक्कल काची के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी, धर्मपुरी में PMK के प्रत्याशी ने 25540 वोटों के अंतर से ADMK के प्रत्याशी को हरा दिया था|1998 लोकसभा चुनाव - 12वें लोकसभा चुनाव में पट्टाली मक्कल काची के प्रत्याशी ने TMC(M) के प्रत्याशी को 99427 वोटों के अंतर से हरा दिया था| यहाँ पर PMK के Pary Mohan K. को 341917 वोट और TMC(M) के Theertharaman P. को 242490 वोट मिले थे1996 लोकसभा चुनाव - 11वें लोकसभा चुनाव में TMC(M) के प्रत्याशी ने कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी को 131246 वोटों के बड़े अंतर से हराया था| TMC(M) को 297166 और कांग्रेस पार्टी को 165920 वोट मिले थे1991 लोकसभा चुनाव - 10वें लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी ने पट्टाली मक्कल काची के प्रत्याशी को 150489 वोटों के बड़े अंतर से हराया था| कांग्रेस पार्टी को 322138 और पट्टाली मक्कल काची को 171649 वोट मिले थे1989 लोकसभा चुनाव - नौवें लोकसभा चुनाव में ADK के प्रत्याशी ने पट्टाली मक्कल काची के प्रत्याशी को 113020 वोटों के बड़े अंतर से हराया था| ADK को 315921 और पट्टाली मक्कल काची को 202901 वोट मिले थे1984 लोकसभा चुनाव - आठवें लोकसभा चुनाव में ADK के प्रत्याशी ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के प्रत्याशी को 151252 वोटों के बड़े अंतर से हराया था| ADK को 333427 और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) को 182175 वोट मिले थे1980 लोकसभा चुनाव - सातवें लोकसभा चुनाव में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के प्रत्याशी ने JNP के प्रत्याशी को 66871 वोटों के अंतर से हरा दिया था| यहाँ पर DMK के Arjunan K. को 209603 वोट और JNP के Bhuvarahan G. को 142732 वोट मिले थे1977 लोकसभा चुनाव - छटवें लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी ने NCO के प्रत्याशी को 105686 वोटों के बड़े अंतर से हराया था| कांग्रेस पार्टी को 239908 और NCO को 134222 वोट मिले थे1951 लोकसभा चुनाव - स्वतंत्र भारत में हुए पहले लोकसभा चुनाव में निर्दलीय और कांग्रेस पार्टी के बीच दिलचस्प जंग देखने को मिली थी, यहाँ पर निर्दलीय के प्रत्याशी ने मात्र 4646 वोटों के अंतर से कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी को हरा दिया था|
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दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के अधिकार विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संविधान पीठ थोड़ी देर बाद अपना फैसला सुनाएगी. इस फैसले से तय हो जाएगा कि दिल्ली का कामकाज चलाने में राज्य सरकार और उपराज्यपाल की क्या भूमिका होगी. इस मामले में संविधान पीठ ने पिछले साल छह दिसंबर को सुनवाई पूरी की थी. इससे पहले चार अगस्त 2016 को दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली एक केन्द्र शासित क्षेत्र है. यहां केंद्र के प्रतिनिधि उपराज्यपाल की मंजूरी से ही फैसले लिए जा सकते हैं.