आजकल हेल्दीलाइफस्टाइल की बात आती है तो सबसे पहले ऑर्गेनिकफूड का नाम लिया जाता है. बड़े-बड़े सुपर मार्केट से लेकर लोकल मार्केट तक लोग यह सोचकर ऑर्गेनिक फल और सब्जियां खरीद रहे हैं कि यह ज्यादा पौष्टिक, सुरक्षित और सेहत के लिए बेहतर है. सोशल मीडिया पर भी अक्सर यह दावा किया जाता है कि ऑर्गेनिकडाइट से शरीर फिट रहता है और बीमारियां दूर रहती है. लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या यह सच है कि ऑर्गेनिकफूड वाकई में आमतौर पर उगाए जाने वाले फलों और सब्जियों से ज्यादा सेहतमंद होता है. इसे लेकर कुछ एक्सपर्ट साफ करते हैं कि ऑर्गेनिक और रेगुलर खाने के बीच का फर्क पोषण का नहीं बल्कि पेस्टीसाइड्स के लेवल का है.
ऑर्गेनिक और रेगुलरफूड के पोषण में कोई बड़ा अंतर नहीं
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि यह मानना गलत है की ऑर्गेनिक खाना पोषक तत्वों से भरपूर होता है और सामान्य खाना उससे कमजोर होता है. कई रिसर्च में यह पाया गया है कि दोनों ही तरह के खाने में विटामिन, मिनरल्स और अन्य जरूरी पोषक तत्वों का लेवल लगभग समान होता है. जिसका मतलब है कि अगर आप केवल न्यूट्रिशनलवैल्यू के हिसाब से चुनाव कर रहे हैं तो ऑर्गेनिक पर ज्यादा पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है. हालांकि जब बात पेस्टीसाइड्स की आती है तो यहां ऑर्गेनिक खाने को बढ़त मिलती है.
दरअसल ऑर्गेनिकफूड में पेस्टीसाइड का लेवल सामान्य खाने की तुलना में करीब 30 प्रतिशत कम पाया गया है. ज्यादा पेस्टीसाइड्स लंबे समय में नुकसानदायक हो सकते हैं, खासकर किसानों जैसे लोगों के लिए जो सीधे उनके संपर्क में रहते हैं. लेकिन आम लोगों के लिए जो खाना बनाकर या धोकर फल सब्जियां खाते हैं उनमें मौजूद थोड़ी मात्रा के पेस्टीसाइड्स को अब तक खतरनाक साबित नहीं किया गया है.
प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चों को मिल सकता है फायदा
एक्सपर्ट बताते हैं कि कुछ मामलों में ऑर्गेनिक खाना रेगुलर खाने से ज्यादा फायदेमंद हो सकता है. जैसे प्रेग्नेंट महिलाएं और छोटे बच्चों के लिए यह फायदेमंद माना जाता है. दरअसल रेगुलरफूड में पेस्टीसाइड का असर ज्यादा हो सकता है. ऐसे में अगर प्रेग्नेंट महिलाएं और बच्चे ऑर्गेनिकफूड खाते हैं तो यह उनके लिए सुरक्षित विकल्प हो सकता है. इसके अलावा कुछ एक्सपर्ट्स यह भी बताते हैं कि ऑर्गेनिकफूड खाने वाले लोगों की सेहत बेहतर होती है. लेकिन इसकी असली वजह अक्सर उनकी कुल मिलाकर हेल्दीलाइफस्टाइल होती है.
दरअसल जो लोग ऑर्गेनिकफूड चुनते हैं वह बाकी चीजों में भी सेहत का ध्यान रखते हैं, जैसे प्रोसेस्डफूड से दूरी बनाना, रेगुलरएक्सरसाइज करना और संतुलित आहार लेना. इसलिए उनकी सेहत ज्यादा बेहतर होती है. वहीं एक्सपर्ट्स बताते हैं कि लोगों को केवल इस बात पर ध्यान नहीं देना चाहिए कि फूडऑर्गेनिक है या नहीं बल्कि सबसे जरूरी है कि आप अल्ट्राप्रोसेस्डफूड को कम करें, ज्यादा से ज्यादा फ्रेश फल और सब्जियां डाइट में शामिल करें.
