Best Wine Tourism Destinations In India: वाइन टूरिज्म की बात होती है तो ज्यादातर लोगों के दिमाग में सबसे पहले नासिक का नाम आता है. लेकिन पिछले कुछ सालों में देश के कई दूसरे हिस्सों ने भी अपनी अलग पहचान बनाई है. कर्नाटक की पहाड़ियों से लेकर हिमाचल के बागानों और अरुणाचल प्रदेश की खूबसूरत घाटियों तक, कई ऐसी जगहें हैं जहां वाइन बनाने की परंपरा तेजी से बढ़ रही है. चलिए आपको इन जगहों के बारे में बताते हैं कि कैसे आप कब जाना चाहिए और ये क्यों खास हैं नासिक की तरह.
नंदी हिल्स वाइन कंट्री
कर्नाटक में बेंगलुरु के उत्तर में स्थित नंदी हिल्स के आसपास का इलाका आज देश के प्रमुख वाइन क्षेत्रों में गिना जाता है. डोड्डाबल्लापुर और देवनहल्ली के आसपास फैले अंगूर के बाग ऊंचाई पर स्थित हैं, जिससे यहां की जलवायु अंगूर की खेती के लिए अनुकूल बनती है. इस क्षेत्र की सबसे चर्चित वाइनरी ग्रोवर जाम्पा वाइनयार्ड्स है. यहां आने वाले पर्यटक अंगूर के बाग, वाइन बनाने की प्रक्रिया और पुराने सेलर देख सकते हैं. टूर के अंत में अलग-अलग तरह की वाइन चखने का मौका भी मिलता है. जनवरी और फरवरी का समय यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है.
हम्पी हिल्स वाइन रीजन
कर्नाटक के हम्पी का नाम सुनते ही प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक खंडहरों की तस्वीर सामने आती है, लेकिन यह इलाका अब वाइन प्रेमियों के बीच भी लोकप्रिय हो रहा है. कोप्पल जिले के तावरेगेरे और झूलकुंटी गांवों के आसपास स्थित केआरएसएमए एस्टेट्स अपनी बेहतरीन वाइन के लिए जाना जाता है. चट्टानों और पहाड़ियों के बीच बसा यह स्थान किसी शांत रिट्रीट जैसा महसूस होता है. यहां पहले से बुकिंग कराकर वाइन टेस्टिंग, वाइनयार्ड वॉक और खेती से जुड़ी दिलचस्प जानकारियां हासिल की जा सकती हैं.
कृष्णा वैली और अकलुज, महाराष्ट्र
नासिक के अलावा महाराष्ट्र का कृष्णा वैली क्षेत्र भी वाइन उत्पादन का बड़ा केंद्र बन चुका है. अकलुज के पास स्थित फ्रेटेली वाइनयार्ड्स देश की सबसे बड़ी निजी वाइन एस्टेट्स में गिनी जाती है. यहां का माहौल काफी शांत और सुकून भरा है। अंगूर के बागों में घूमना, सेलर टूर करना और वाइन के साथ खास फूड पेयरिंग का आनंद लेना इस जगह की खासियत है. दिसंबर से अप्रैल के बीच यहां सबसे ज्यादा रौनक देखने को मिलती है.
हिमाचल का फ्रूट वाइन बेल्ट
हिमाचल प्रदेश में वाइन का मतलब सिर्फ अंगूर नहीं है. शिमला, सोलन, मंडी और पालमपुर जैसे इलाकों में सेब, आलूबुखारा, खुबानी, आड़ू और चेरी से तैयार की जाने वाली फ्रूट वाइन काफी लोकप्रिय है. कोटगढ़ और ठानेदार जैसे क्षेत्रों में पर्यटक फलों के बागों में घूमने के साथ स्थानीय संस्कृति का अनुभव भी ले सकते हैं. यहां की वाइन स्थानीय व्यंजनों के साथ परोसी जाती है, जो इसे और खास बनाती है.
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जीरो वैली, अरुणाचल प्रदेश
अरुणाचल प्रदेश की खूबसूरत जीरो वैली देश की सबसे अनोखी वाइन डेस्टिनेशन्स में से एक है. यहां स्थित नारा आबा वाइनरी भारत की पहली ऑर्गेनिक कीवी वाइन बनाने वाली वाइनरी मानी जाती है. स्थानीय किसानों से लिए गए कीवी, नाशपाती और आलूबुखारे से यहां अलग-अलग तरह की फ्रूट वाइन तैयार की जाती है. पर्यटक वाइनरी का दौरा कर सकते हैं, वाइन टेस्टिंग का आनंद ले सकते हैं और इसके पीछे की कहानी भी जान सकते हैं. अपातानी गांवों, होमस्टे और मशहूर जीरो म्यूजिक फेस्टिवल के साथ यह जगह एक अलग ही अनुभव देती है.
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