Kanwar Yatra 2026: सावन माह में पूरे देश में कांवड़ यात्रा पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी है.. यात्रा सुचारू रूप से चले इसके लिए दिन-रात पुलिसकर्मी सड़कों पर ड्यूटी निभा रहे हैं.  हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायर हो रहा है, जिसमें ड्यूटी निभाते एक पुलिसकर्मी डाक कांवड़ लेकर तेजी से दौड़ता नजर आया. ड्यूटी के साथ उसकी शिवभक्ति का यह अनोखा नजारा लोगों का ध्यान खींच रहा है.

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डाक कांवड़ के साथ दौड़ते पुलिस जवान का VIDEO वायरल

ये वायरल वीडियो यूपी का बताया जा रहा है. पुलिसकर्मी कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं. इसी बीच एक पुलिसा का जवान कुछ देर के लिए डाक कांवड़ लेकर कांवड़ियों के साथ तेज रफ्तार में दौड़ लगाता हुआ नजर आ रहा है. कुछ दूर जाने के बाद वह डाक कांवड़ कांवड़ियों को लौटा देता है. ड्यूटी के साथ भक्ति का ये अनोखा संगम देख लोग पुलिस जवान की फिटनेस और सेवा की सहारना कर रहे हैं.

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उत्तराखंड के हरिद्वार, गौमुख और गंगोत्री सहित विभिन्न पवित्र स्थलों से गंगाजल लेकर लाखों शिवभक्त अपने अपने शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं.

क्या होती है डाक कांवड़

डाक कांवड़, कांवड़ यात्रा का सबसे कठिन और अनुशासित स्वरूप माना जाता है. इसमें शिवभक्त गंगाजल भरने के बाद बिना रुके और बिना कांवड़ को जमीन पर रखे तेज रफ्तार से अपनी मंजिल तक पहुंचते हैं.

आमतौर पर डाक कांवड़ में श्रद्धालु दौड़ते हुए या एक-दूसरे को कांवड़ सौंपते हुए यात्रा पूरी करते हैं, ताकि तय समय में भगवान शिव का जलाभिषेक किया जा सके.

कांवड़ यात्रा का जल कब चढ़ेगा

देशभर में कांवड़ यात्रा 11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि पर समाप्त किया जाएगा. कांवड़िए ब्रह्म मुहूर्त से लेकर प्रातःकाल और प्रदोष काल तक जलाभिषेक करते हैं. इसी दिन लाखों शिवभक्त पवित्र गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक कर अपनी यात्रा पूर्ण करेंगे.

सावन शिवरात्रि पर जल चढ़ाने का मुहूर्त

सावन शिवरात्रि भगवान शिव की आराधना के लिए वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण तिथियों में से एक मानी जाती है. शास्त्रों के अनुसार, सावन महीना स्वयं भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है. इसलिए इस माह की शिवरात्रि पर किए गए जप, तप, व्रत, रुद्राभिषेक और शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करने का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है.

  • सूर्योदय का समय - सुबह 5 बजकर 48 मिनट पर
  • लाभ चौघड़िया - सुबह 10 बजकर 47 मिनट - दोपहर के 12 बजकर 26 मिनट तक
  • अमृत चौघड़िया - दोपहर 12 बजकर 56 मिनट - 2 बजकर 6 मिनट तक
  • शुभ चौघड़िया - दोपहर 3 बजकर 35 मिनट - शाम के 5 बजकर 25 मिनट तक

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