Sheetala Saptami 2021: स्कंद पुराण में माता शीतला को रोगों से बचाने वाली देवी कहा गया है. हिंदू धर्म के अनुसार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को माता शीतला का व्रत रखते हैं. इसे शीतला सप्तमी व्रत कहते हैं. हिंदी पंचांग के मुताबिक, शीतला सप्तमी का व्रत भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी को रखा जाएगा. यह तिथि कल यानि 29 अगस्त को है. इस दिन महिलायें व्रत रखकर माता शीतला की पूजा करती हैं और उनसे घर में सभी प्रकार के रोगों को दूर करने की प्रार्थना करती है. माता शीतला अपने एक हाथ में जल का कलश और दूसरे हाथ में झाडू, सूप और पत्ते सहित नीम की टहनी धारण किये रहती हैं. मां शीतला गधे की सवारी करती हैं.
शीतलासप्तमीव्रतशुभमुहूर्त
शीतला सप्तमी व्रत भादो महीने के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को रखा जाता है. हिंदी पंचांग के अनुसार, सप्तमी तिथि आज 28 अगस्त को रात 8 बजकर 56 मिनट से शुरू होकर, 29 अगस्त को 11 बजकर 25 मिनट तक रहेगी. व्रत में उदया तिथि लिए जाने के कारण शीतला सप्तमी का व्रत 29 अगस्त, दिन रविवार को रखा जाएगा.
शीतलासप्तमीव्रतपूजाविधि:
शीतला माता को आरोग्य और स्वच्छता की देवी माना जाता है. इनका व्रत रखने से और पूजा करने से घर की बीमारियां दूर हो जाती है. इनकी पूजा के लिए सुबह प्रातः काल उठकर घर की सफाई कर लेनी चाहिए. उसके बाद घर के सभी जानवरों को भी नहलाना चाहिए. माता की पूजा में बासी भोजन का भोग लगाया जाता है. शीतला मां को गुड़ और चावल से बने पदार्थ का भोग लगाया जाता है. इस दिन पूरे परिवार को बासी भोजन करना चाहिए.
