Shani Dev: अगर आपकी कुंडली में यह ग्रह अशांत है तो शनि दोष से बचने और शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा और व्रत रखने की सलाह दी जाती है लेकिन शनि देव की पूजा करने के भी कुछ खास नियम है.

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शनि देव की पूजा को लेकर अक्सर लोगों के मन में अलग-अलग धारणाएं बनी रहती हैं. खासकर महिलाओं के लिए कई तरह के सवाल उठते हैं. धर्म में कहीं भी महिलाओं के लिए पूजा करने की मनाही नहीं है लेकिन शनि देव को न्याय और कर्मफल के देवता माना जाता है, इसलिए उनकी पूजा में कुछ सावधानियां रखना जरूरी होता है, खासकर महिलाओं के लिए.

शनि पूजा के दौरान महिलाएं इन बातों को न करें नजरअंदाज

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तांबा नहीं स्टील बर्तन का इस्तेमाल

शनिदेव की पूजा में कभी भी तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. तांबे का संबंध सूर्य देव से होता है और भले ही शनि देव सूर्य पुत्र हैं लेकिन वह सूर्यदेव के परम शत्रु हैं. ऐसे में शनिदेव की पूजा में हमेशा लोहे या स्टील के बर्तनों का ही इस्तेमाल करना चाहिए.

प्रत्यक्ष दृष्टि से बचें

शनि देव की पूजा करते समय उनकी आंखों में सीधे देखने से बचना चाहिए. मान्यता है कि उनकी दृष्टि अत्यंत प्रभावशाली होती है, इसलिए पूजा करते समय विनम्रता और संयम जरूरी है।

मूर्ति को स्पर्श न करें

महिलाओं को शनि देव की मूर्ति को छूने से बचना चाहिए. इसके बजाय दूर से ही प्रणाम करना और श्रद्धा व्यक्त करना अधिक उचित माना जाता है.

तेल अर्पित करने का सही तरीका

  • शनि पूजा में सरसों के तेल का विशेष महत्व है, लेकिन महिलाओं को सीधे मूर्ति पर तेल चढ़ाने से बचना चाहिए.
  • आप दीपक जला सकती हैं या तेल को किसी पात्र में रखकर अर्पित कर सकती हैं.
  • ध्यान रखें कि मूर्ति के साथ सीधा संपर्क न हो.

गर्भावस्था में रखें विशेष सावधानी

परंपराओं के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को शनि मंदिर जाने या पूजा करने से परहेज करने की सलाह दी जाती है. इस दौरान घर से ही प्रार्थना करना अधिक उपयुक्त माना जाता है.

दान से भी मिलती है कृपा

अगर आप मंदिर नहीं जा पातीं, तो शनिवार के दिन शनि से जुड़ी वस्तुओं का दान कर सकती हैं, जैसे सरसों का तेल, काला तिल, काली उड़द, लोहे की वस्तुएं

स्थिति के अनुसार ही करें पूजा

अगर आपकी कुंडली में शनि से जुड़ी स्थितियां जैसे साढ़े साती या ढैया चल रही हों, तो पूजा शुरू करने से पहले किसी जानकार से सलाह लेना बेहतर रहता है. सही विधि से की गई पूजा ही सकारात्मक परिणाम देती है.

शनि देव क्या दंड देते हैं

  • धन हानि, कर्ज या आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है.
  • परिवार या रिश्तों में गलतफहमी, विवाद या दूरी आना.
  • बार-बार मेहनत के बाद भी सफलता न मिलना, नौकरी में समस्या या बिजनेस में नुकसान होना.
  • शनि के दंड के रूप में देखा जाता है, खासकर जब व्यक्ति अपनी दिनचर्या और जीवनशैली में लापरवाही करता है.

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