Shaniwar Ke Upay: ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मफल दाता और न्याय का देवता माना गया है. कहते हैं कि शनि देव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार शुभ या अशुभ फल देते हैं. जिनकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही होती है, उन्हें अक्सर मानसिक तनाव, आर्थिक तंगी और बनते कामों में रुकावटों का सामना करना पड़ता है.

Continues below advertisement

आप भी शनि के अशुभ प्रभाव से परेशान हैं, तो शनिवार का दिन आपके लिए सबसे खास हो सकता है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, शनिवार के दिन कुछ खास चीजों का दान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और साढ़ेसाती का प्रभाव काफी हद तक कम हो जाता है.

आइए जानते हैं उन 3 चीजों के बारे में, जिनका शनिवार को दान करना बेहद फलदायी माना गया है:

Continues below advertisement

1. सरसों का तेल (छाया दान)

शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए सरसों के तेल का दान सबसे अचूक उपाय माना जाता है. इसे 'छाया दान' भी कहते हैं.

कैसे करें दान: शनिवार की सुबह एक लोहे या कांसे के बर्तन में सरसों का तेल लें. उसमें अपना चेहरा देखें और फिर उस तेल को किसी जरूरतमंद को दान कर दें या शनि मंदिर में रख आएं.

फायदा: मान्यता है कि छाया दान करने से शरीर के रोग, शारीरिक कष्ट और जीवन के बड़े संकट दूर होते हैं.

2. काले तिल और काली उड़द की दाल

काले तिल और साबुत उड़द की दाल का सीधा संबंध शनि देव और राहु-केतु के शांत निवारण से माना गया है.

कैसे करें दान: सवा किलो काली उड़द की दाल या काले तिल किसी काले कपड़े में बांधकर गरीब या असहाय व्यक्ति को दें.

फायदा: इससे कारोबार में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, आर्थिक स्थिति सुधरती है और कर्ज से धीरे-धीरे मुक्ति मिलने लगती है.

3. काले जूते, छाता या काले वस्त्र

शनि देव को मेहनत करने वाले और असहाय लोगों का प्रतिनिधि माना गया है. इसलिए जरूरतमंदों को उनकी जरूरत की वस्तुएं दान करने से शनि देव सबसे जल्दी प्रसन्न होते हैं.

कैसे करें दान: शनिवार की शाम किसी मजदूर, सफाईकर्मी या जरूरतमंद व्यक्ति को काले रंग के जूते, चप्पल, छाता या काले कपड़े दान करें.

फायदा: इस उपाय से कुंडली में मौजूद गंभीर शनि दोष शांत होते हैं और रुके हुए काम तेजी से पूरे होने लगते हैं.

दान करते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • दान हमेशा साफ मन और निस्वार्थ भाव से करें.
  • किसी भी व्यक्ति का अपमान न करें और न ही दान देने के बाद अहंकार करें.
  • शनिवार के दिन सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है.
CAAQ3ucQahgKEwjfsuGLx7CWAxUAAAAAHQAAAAAQ1wI">

शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के दौरान कौन सी गलतियां करने से बचना चाहिए

शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के समय व्यक्ति को अपने आचरण और कर्मों पर विशेष ध्यान देना चाहिए. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान की गई कुछ गलतियां शनि देव के प्रकोप को बढ़ा सकती हैं.

साढ़ेसाती और ढैय्या के दौरान इन गलतियों से बचें:

कमजोर और असहाय लोगों को सताना: सफाईकर्मी, मजदूर, दिव्यांग या बुजुर्गों का अपमान करना या उनका हक मारना शनि देव को सबसे अधिक अप्रसन्न करता है.

तामसिक भोजन और नशे का सेवन: शनिवार के दिन और विशेष रूप से साढ़ेसाती के दौर में शराब, मांस और नशीले पदार्थों से दूर रहना चाहिए.

शनिवार को लोहा या तेल खरीदना: शनिवार के दिन लोहे का सामान, सरसों का तेल या काले तिल खरीदने से बचना चाहिए. इन चीजों का इस दिन दान करना शुभ होता है, खरीदकर घर लाना नहीं.

अनैतिक कार्य और झूठ बोलना: धोखाधड़ी, किसी के साथ विश्वासघात, झूठी गवाही या बेईमानी से धन कमाने की आदत भारी नुकसान करा सकती है.

पश्चिम दिशा की ओर पैर करके सोना: वास्तु और ज्योतिष के अनुसार शनि की दिशा पश्चिम मानी गई है, इसलिए इस दिशा में पैर करके सोने से बचना चाहिए.

पशु-पक्षियों को परेशान करना: कुत्तों (विशेषकर काले कुत्ते), कौवों या गायों को प्रताड़ित न करें; इसके विपरीत उन्हें भोजन कराना शुभ माना जाता है.

'रहमान डकैत' से शुक्राचार्य बने अक्षय खन्ना, असुरों के गुरु की कहानी कर देगी हैरान

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.