Second Sawan Somwar 2026: सावन का दूसरा सोमवार 10 अगस्त 2026 को है. पंचांग के अनुसार इस दिन सोम प्रदोष व्रत का संयोग भी बन रहा है. ऐसे में शास्त्रों के अनुसार सावन का ये दिन बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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स्कंद पुराण के अनुसार त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष काल में भगवान शिव कैलाश पर देवताओं के बीच तांडव करते हैं.  इस समय उनकी पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं साथ ही रोग, दोष दूर होते हैं. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार इस दिन शिव पूजा के लिए कौन से शुभ मुहूर्त हैं, महादेव की कृपा कैसे प्राप्त होगी जान लें.

10 अगस्त 2026 को शिव पूजा का मुहूर्त

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  • सावन सोमवार पूजा मुहूर्त - सुबह 5.47 - सुबह 7.27 और सुबह 9.07 - सुबह 10.47
  • सोम प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त - रात 7.05 - रात 9.14

6 साल बाद सावन सोमावर और सोम प्रदोष व्रत एकसाथ

पंचांग के अनुसार सावन में महादेव की आराधना के लिए 10 अगस्त 2026 का दिन बहुत प्रभावशाली होगा. क्योंकि सावन में सोमवार के दिन त्रयोदशी तिथि का होना मनोकामना सिद्ध करने वाला माना जाता है. इससे पहले ये संयोग 6 साल पहले साल 2020 में बना था.

सावन सोमावर और प्रदोष व्रत एकसाथ हो तो क्या लाभ मिलता

सावन में शिव पूजा और व्रत के लिए सभी सोमवार बहुत खास होते हैं लेकिन अगर इस दिन प्रदोष व्रत का संयोग बन जाए तो शास्त्र अनुसार ये दिन अत्यंत पुण्यदायक हो जाता है. ऐसे में शिव पूजा का फल शीघ्र प्राप्त होने की मान्यता है.

  • रुद्राभिषेक और जलाभिषेक का फल सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक शुभ माना जाता है.
  • विवाह में आ रही बाधाएं दूर होने और योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की कामना जल्द पूरी हो सकती है.
  • दांपत्य जीवन में सुख और लव लाइफ में आ रही परेशानी दूर होती है.
  • संतान सुख, आरोग्य और दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
  • आर्थिक संकट, कर्ज और मानसिक तनाव से राहत मिल सकती है.
  • इस दिन घर में पूजा, मंत्र जाप करने से परिवार में चले रहे विवाद का शिव कृपा से समाधान निकलता है.

कैसे मिलेगी महादेव की कृपा

  • मेष राशि के लोग सावन सोमवार और सोम प्रदोष व्रत के शुभ संयोग में शहद से भगवान शिव का अभिषेक करें.
  • वृषभ राशि के जातक सफेद वस्त्र, घी, सरसों का तेल और ज्वार का दान करें.
  • मिथुन राशि के लोग मौसमी फलों के रस या फलों से भगवान महादेव का अभिषेक करें.
  • कर्क राशि के जातक चांदी, दूध, मोती, चावल और चीनी का दान कर सकते हैं.
  • सिंह राशि वालों को इस दिन केसर मिश्रित जल से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए.
  • कन्या राशि के लोग भगवान शिव को शमी के पत्ते अर्पित करें.
  • तुला राशि के जातक एक मुट्ठी चावल शिवलिंग पर चढ़ाकर अपनी मनोकामना व्यक्त करें.
  • वृश्चिक राशि वाले भगवान शिव को लाल गुलाब अर्पित करें.
  • धनु राशि के लोग चने की दाल और केसर युक्त दूध का दान कर सकते हैं.
  • मकर राशि के जातक दान में छाता और कंबल दें. साथ ही काले तिल से भगवान शिव का अभिषेक करें.
  • कुंभ राशि के लोग काले तिल, शमी पत्र, धतूरा और गंगाजल से भगवान शिव की पूजा करें.
  • मीन राशि के जातकों को अन्न, दाल, धन और पीले फूलों का दान करना शुभ माना जाता है.

(FAQ)

Q1. सावन सोमवार और सोम प्रदोष व्रत के दिन कौन-सा अभिषेक करना सबसे शुभ होता है?

उत्तर: इस दिन जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, पंचामृत अभिषेक और रुद्राभिषेक का विशेष महत्व माना गया है. इसके साथ बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक के फूल और सफेद चंदन अर्पित करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है.

Q2. क्या इस दिन रुद्राभिषेक कराने से विशेष लाभ मिलता है?

उत्तर: धार्मिक मान्यता है कि सावन सोमवार और सोम प्रदोष व्रत के संयोग में रुद्राभिषेक करने से शिव कृपा शीघ्र प्राप्त होती है. इससे ग्रह दोषों की शांति, मानसिक तनाव में कमी, स्वास्थ्य लाभ और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मिलने की मान्यता है.

Q3. क्या सावन सोमवार और सोम प्रदोष व्रत में एक समय भोजन कर सकते हैं?

उत्तर: हां. यदि आप निर्जल या फलाहार व्रत रखने में सक्षम नहीं हैं, तो धार्मिक परंपरा के अनुसार एक समय सात्विक भोजन (एकभुक्त) करके भी व्रत का पालन कर सकते हैं. हालांकि व्रत के दौरान लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए. प्रदोष व्रत में सामान्यतः प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा के बाद ही व्रत का पारण करने की परंपरा मानी जाती है.

Q4. सोम प्रदोष व्रत में शिव पूजा के बाद क्या दान करना चाहिए?

उत्तर: सोम प्रदोष व्रत की पूजा के बाद अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार सफेद वस्त्र, चावल, दूध, दही, घी, चीनी, काले तिल, फल, अन्न, दक्षिणा या जरूरतमंदों को भोजन का दान करना शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इससे भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त होती है तथा सुख-समृद्धि, आरोग्य और मनोकामनाओं की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है.

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