Sawan Somvar & Chandra Grahan LIVE: खत्म हुआ चंद्र ग्रहण; कल से लग रहा है सावन सोमवार, इस तरह करें भोलेनाथ को प्रसन्न
इस साल के तीसरे चंद्रग्रहण का आषाढ़ की पूर्णिमा को लगना एक अद्भुत संयोग है क्योंकि आषाढ़ की पूर्णिमा को ही गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है. आइये जानें क्या असर पड़ेगा इस अद्भुत संयोग वाले चंद्रग्रहण का.
एबीपी न्यूज़Last Updated: 05 Jul 2020 10:47 PM
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Lunar Eclipse 2020, Chandra Grahan 2020 Today Timing in India: कल यानी 5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा का पर्व है और इसी दिन लगने वाला चंद्रग्रहण समाप्त हो चुका है....More
Lunar Eclipse 2020, Chandra Grahan 2020 Today Timing in India: कल यानी 5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा का पर्व है और इसी दिन लगने वाला चंद्रग्रहण समाप्त हो चुका है. यह इस साल का तीसरा चंद्र ग्रहण था. जो इसके पहले जनवरी और 5 जून को लगा था. आषाढ़ की पूर्णिमा को महर्षि वेद व्यास का जन्म भी हुआ था. महर्षि व्यास ने चारों वेदों एवं महाभारत की रचना की. इस कारण उनका नाम वेद व्यास भी है.उपछाया चंद्रग्रहण का समयभारतीय समयानुसार चंद्रग्रहण सुबह 8 बजकर 37 मिनट पर लगेगा और 9 बजकर 59 मिनट पर चंद्र ग्रहण अपने चरम पर होगा. दो घंटे 43 मिनट की अवधि तक रहने के बाद यह चंद्रग्रहण 11 बजकर 22 मिनट पर समाप्त हो जाएगा. यह चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा. इसलिए इस ग्रहण का सूतक काल भारत में नहीं लगेगा. वैसे भी उपछाया चंद्र ग्रहण में सूतक काल नहीं माना जाता है. इस लिए चंद्रग्रहण के सूतक काल का कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा. यह चंद्र ग्रहण यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, पैसिफिक और अंटार्टिका में दिखाई देगा.गुरु पूर्णिमा: माता पिता के सम्मान से प्रसन्न होते हैं गुरुचंद्र ग्रहण को देखने के लिए क्या करें? पांच जुलाई को लगने वाला यह चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा. वैसे भी चंद्र ग्रहण को नंगी आंख से देख सकते हैं. इससे आंखों पर को बुरा असर नहीं पड़ता है. इसके साथ ही लोगों को यह याद रहे कि सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए. सूर्य ग्रहण से निकलने वाली किरणें आंखों को नुकसान पंहुचा सकती हैं.Lunar Eclipse: भारत के प्रमुख शहरों में कितने बजे लगेगा चंद्र ग्रहण, जानें क्या है सूतक काल का महत्त्व
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