PM Narendra Modi Pongal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में केंद्रीय राज्यमंत्री एल. मुरुगन के आवास पर आयोजित पोंगल उत्सव में शामिल हुए. इस दौरान पीएम ने पारंपरिक रूप से पोंगल की पूजा की और फिर गायों को चारा खिलाकर गौ सेवा भी की. पीएम ने कहा कि पोंगल लोगों को प्रेरित करता है कि प्रकृति का सम्मान जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए. पोंगल को उन्होंने वैश्विक धरोहर बताया.
पोंगल कैसे मनाते हैं
- पोंगल दक्षिण भारत में धूमधाम से मनाया जाने वाला चार दिवसीय फसल उत्सव है. इसमें भोगी पोंगल में घर की सफाई, पुराने, खराब और उपयोग में न आने वाले सामान को बाहर निकाल दिया जाता है.
- फिर थाई पोंगल में सूर्य की पूजा की जाती है, अच्छी फसल की खुशी में भोग के रूप में मिट्टी के बर्तन में चावल की खीर बनाई जाती है.
- मट्टू पोंगल में खेतों और कृषि में उपयोग होने वाले उपकरण और पशुओं जैसे गाय-बैल की सेवा की जाती है. इनका आभार व्यक्त किया जाता है.
- कानुम पोंगल में इस दिन खुले में हल्दी के पत्तों पर सुपारी, गन्ने का रस और पोंगल पकवान रखा जाता है. इस अवसर पर लोग अपने परिवार और रिश्तेदारों से मिलने जाते हैं
पोंगल में गौ सेवा का महत्व
शास्त्रों में गौ सेवा परम धर्म माना जाता है क्योंकि गाय को माता स्वरूप पूजनीय माना गया है, जिसमें सभी देवी-देवताओं का वास होता है, और इसकी सेवा से सुख-समृद्धि, मन की शांति, पापों का नाश होता है, तथा यह जैविक खेती और पर्यावरण के लिए भी उपयोगी है, जिससे मानव जीवन का उत्थान होता है. यही वजह है कि पोंगल में गौ सेवा को विशेष स्थान दिया गया है.
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