Pitru Paksha 2020: ऐसा अद्भुत संयोग आया है 165 साल के बाद, 1 सितंबर से शुरू होगा पितृ पक्ष
एबीपी न्यूज़ | 29 Aug 2020 06:46 AM (IST)
Pitru Paksha 2020: इस साल {2020} पितृ पक्ष का प्रारंभ 1 सितंबर 2020 से शुरू होगा. पितृ पक्ष कि समाप्ति के एक माह बाद नवरात्रि शुरू होगी. यह अद्भुत संयोग 165 साल बाद आया है.

Pitru Paksha 2020 date: हिन्दू पंचांग के मुताबिक इस साल का पितृ पक्ष 01 सितम्बर से शुरू होकर 17 सितम्बर 2020 तक चलेगा. यानी कि इस साल पितृ पक्ष की कुल अवधि 17 दिनों की होगी. हिन्दू पंचांग के मुताबिक यह पितृ पक्ष भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि से शुरू होकर आश्विन मास की अमावस्या तक चलता है जिसमें पितृ तर्पण किया जाता है. हिन्दू धर्म के मुताबिक जो भी व्यक्ति पितृ पक्ष के इन दिनों में अपने पूर्वजों का तर्पण करता है. उस व्यक्ति को उसके पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. जिसके फलस्वरूप व्यक्ति के जीवन की सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं. इसबारपितृपक्षमें 165 सालबादबनरहाहैऐसाअद्भुतसंयोग: इस बार के पितृ पक्ष में एक ऐसा संयोग बन रहा है जो कि 165 साल बाद आया है. 165 साल बाद बनने वाले इस संयोग के मुताबिक हर साल पितृ पक्ष के ख़त्म होने के अगले दिन से नवरात्र शुरू हो जाता है लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है क्योंकि इस बार पितृ पक्ष ख़त्म होते ही अधिमास या अधिकमास लग रहा है. इसी अधिमास के चलते पितृ पक्ष और नवरात्र के बीच एक महीने का अंतर आ जा रहा है और ऐसा संयोग 165 साल के बाद आने जा रहा है कि जब आश्विन मास में मलमास लगेगा और एक महीने के बाद या अंतर पर नवरात्र शुरू होंगे. इस साल अधिमास 18 सितम्बर 2020 से शुरू होकर 16 अक्टूबर 2020 तक चलेगा और इसके अगले दिन से या 17 अक्टूबर 2020 से नवरात्र शुरू हो जाएंगे. अधिमासक्याहोताहै? एक सूर्य वर्ष की अवधि 365 दिन और लगभग 6 घंटे की होती है जबकि एक चन्द्र वर्ष की अवधि 354 दिनों की होती है. गणना करने पर सूर्य वर्ष और चन्द्र वर्ष के बीच करीब 11 दिनों का अंतर प्राप्त होता है. 11 दिनों का यह अंतर हर तीन साल में करीब एक महीने (33 दिन) के बराबर होता है. इसी एक महीने के अंतर को ख़त्म करने के लिए ही हर तीन साल में एक चन्द्र मास अतिरिक्त या अधिक आता है. इसी अतिरिक्त चन्द्र मास को ही अधिमास कहा जाता है. इसबारचातुर्मासभीहोगा 5 महीनेका: हर साल जो चातुर्मास 4 महीने का होता था इस बार लीप ईयर की वजह से 5 महीने का होगा. इस साल, 160 साल के बाद ऐसा होने जा रहा है कि जब लीप ईयर और अधिमास एक ही साल में पड़ रहा है.