Maha Mrityunjaya Mantra: भगवान शिव हिंदू धर्म के उन प्रमुख देवताओं में शामिल है, जो विनाश के साथ-साथ सृष्टि के संरक्षक भी हैं. उन्हें महादेव, शिव शंकर, जटाधारी, भोलेनाथ आदि नामों से भी जाना जाता है. महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव का सबसे शक्तिशाली मंत्र माना जाता है. यह मंत्र जीवन, स्वास्थ्य और आयु की रक्षा करता है.
मान्यताओं के मुताबिक इस मंत्र का निरंतर जाप करने से अकाल मृत्यु के डर से छुटकारा मिलता है. हिंदू धर्मशास्त्रों और वेदों में इस मंत्र को 'त्रयम्बकं मंत्र' यानी भगवान शिव के तीन नेत्रों का प्रतीक माना गया है. यही कारण है कि इस मंत्र को सृष्टि का सबसे शक्तिशाली और जीवनदायी मंत्र माना जाता है. आइए जानते हैं महामृत्युंजय मंत्र इतना शक्तिशाली क्यों है?
महा मृत्युंजय मंत्र का हिंदी अर्थ (Hindi meaning of Maha Mrityunjaya Mantra)
- ऊं त्र्यम्बकं यजामहे, सुगन्धिं पुष्टिवर्धनं. उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मोक्षिय मामृतात् ॥
हिंदी अर्थ- इस मंत्र के माध्यम से भगवान शिव की पूजा करते हुए, जो तीन आंखों वाले हैं (त्रयंबकम), भगवान (यजामहे) जो सुगंधित (सुगंधिम) है और सभी प्राणियों का पोषण (पुष्टि) और विकास (वर्धनम) करते हैं.
जैसे पका हुआ खीरा (उर्वारुकमिव) पूरा पकने पर (किसान की मदद से) लता के बंधन से खुद ही मुक्त (बंधानां) हो जाता है, वैसे ही वे हमें (मामृतात्) अमरता के लिए (मृत्यु से) मुक्त (मोक्षीय) करें.
हम भगवान शिव से प्रार्थना करते हैं, जिनके तीन नेत्र सूर्य, चंद्रमा और अग्नि के समान हैं. वे हमें सभी तरह के रोगों, दरद्रिता और भय से बचाते हैं और हमें समृद्धि, दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करते हैं.
पौराणिक कथाएंपौराणिक मान्यताओं के मुताबिक भगवान शिव अपने भक्त मार्कंडेय जिनकी मौत सोलह साल की उम्र में होनी थी. उनके समक्ष प्रकट होकर सोलह वर्ष की आयु से कुछ दिन पहले ही उनकी आयु को रोक दिया. इस प्रकार मृत्यु कभी उन्हें पा न सकी. इसलिए सनातन धर्म में महामृत्युंजय मंत्र को मार्कंडेय मंत्र भी कहा जाता है.
- इस मंत्र को प्रतिदिन दो बार, सुबह और शाम के समय 108 बार जाप करना चाहिए. यह ध्यान और योगाभ्यास के लिए भी काफी सहायक है.
महा मृत्युंजय मंत्र का जाप करने के लाभ
- प्रतिदिन महा मृत्युंजय मंत्र का समर्पण के साथ जाप करने से दिव्य कंपन ऊर्जाओं से जुड़ने में सहायता मिलती है.
- शिवजी के इस शक्तिशाली मंत्र का जाप करने से मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है.
- मृत्युंजय मंत्र मूल रूप से ऋग्वेद ग्रंथ से लिया गया है. माना जाता है कि ऋषिगण इस मंत्र का इस्तेमाल करके मृतकों को जीवित करते थे.
- इस मंत्र का जाप करने से ये आपके लिए सुरक्षा कवच का काम करता है.
- ईमानदारी और विश्वास के साथ इस मंत्र का जाप करने से सभी तरह की बाधाएं दूर होती है.
- महामृत्युंजय मंत्र का निरंतर जाप करने से जीवन में आनंद, संतोष और समृद्धि की प्राप्ति होती है.
- इसके साथ ही ये मंत्र व्यक्ति को मृत्यु और पुनर्जन्म के चक्र से भी मुक्ति दिला सकता है. इसी कारण इसे मोक्ष मंत्र भी कहा जाता है.
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