Khatu Shyam Mandir: माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाएगा. बसंत पंचमी का पर्व शिक्षा और संगीत की देवी माता सरस्वती को समर्पित है. बसंत पंचमी का त्योहार खाटूश्याम मंदिर में भी धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन देश-विदेश से कई लोग बाबा के दरबार में शीश झुकाने आते हैं. बाबा श्याम के भक्तों के लिए खाटू श्याम कमेटी की ओर से एक बसंत पंचमी को लेकर एक खास जानकारी शेयर की गई है.

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बसंत पंचमी पर खाटू श्याम मंदिर में नहीं बटेंगे पीला वस्त्र

साल में सिर्फ एक बार बसंत पंचमी के दिन बाबा श्याम का अंत वस्त्र बदला जाता है. भक्तों के मन में इस वस्त्र का काफी महत्व है. इसे पाने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती है लेकिन इस साल खाटू श्याम मंदिर कमेटी की ओर से पीले वस्त्र को लेकर खास जानकारी दी गई है. कमेटी ने कहा कि-

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बसंत पंचमी पर श्री श्याम मंदिर खाटूश्यमाजी में पीला वस्त्र बांटने की किसी प्रकार की कोई परंपरा नहीं है और ना ही बसंत पंचमी पर्व पर 23 जनवरी 2026 को पीला वस्त्र वितरण का कोई कार्यक्रम रखा गया है. कमेटी ने कहा कि ऐसी निराधार अफवालों और भ्रामक पोस्ट से बचें.

बाबा श्याम का एक खास वस्त्र होता है, जिसे ‘बाघा’ कहा जाता है. यह केसरिया रंग का होता है और इसे बाबा के गले से लिपटाया जाता है. इस दिन बाबा को पीले रंग में सजाना उनके प्रति श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है.

साल में एक बार बदलता है बाघा

बाबा श्याम के इस खास वस्त्र को ‘बाघा’ कहा जाता है. बाबा श्याम के भक्तों को पूरे साल में बसंत पंचमी दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है. बसंत पंचमी के दिन खाटू श्याम मंदिर में श्याम बाबा के अंतः वस्त्र को उतारकर पीले रंग के वस्त्र पहनाए जाते हैं. बाबा श्याम का विशेष रूप से पीत श्रृंगार किया जाता है. इससे पहले उनके अंत:वस्त्र उतारे जाते हैं. यह एक केसरिया रंग का वस्त्र होता है, जो बाबा 365 दिन पहने रहते हैं.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.