Jyeshtha Purnima 2026: सनातन धर्म में ज्येष्ठ पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु और चंद्रदेव की पूजा के साथ व्रत रखने की परंपरा है. मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक रखा गया व्रत सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और पुण्य फल प्रदान करता है. इस साल वट पूर्णिमा व्रत 29 जून 2026 (सोमवार) को मनाया जा रहा है . यह व्रत विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए रखा जाता है.

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हालांकि, व्रत के दौरान खान-पान के नियमों का पालन करना भी उतना ही जरूरी माना गया है. अगर इन नियमों की अनदेखी की जाए, तो व्रत का पूर्ण फल नहीं मिल पाता. आइए जानते हैं कि ज्येष्ठ पूर्णिमा के व्रत में किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए.

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इन चीजों से बनाएं दूरी

ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत के दिन मांसाहार और शराब का सेवन पूरी तरह वर्जित माना गया है. इसके अलावा शहद, बैंगन, मूली और शलजम जैसी कुछ चीजों से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है. माना जाता है कि इनका सेवन व्रत की शुद्धता को प्रभावित कर सकता है.

दूसरों के घर का भोजन खाने से बचें

धार्मिक ग्रंथों में व्रत के दिन परान्न यानी दूसरे के घर में बना भोजन खाने से भी बचने की सलाह दी गई है. मान्यता है कि व्रत के दौरान सात्विकता और पवित्रता बनाए रखना जरूरी होता है. इसलिए घर में शुद्ध तरीके से तैयार भोजन या फलाहार का ही सेवन करना उचित माना जाता है.

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व्रत में क्या खा सकते हैं?

ज्येष्ठ पूर्णिमा के व्रत में फल, दूध, दही, मखाना, साबूदाना, सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा और सूखे मेवे का सेवन किया जा सकता है. कई लोग सेंधा नमक के साथ फलाहारी भोजन भी करते हैं, जबकि कुछ श्रद्धालु निर्जला या केवल फलाहार का संकल्प लेते हैं. व्रत की विधि अपनी परंपरा और संकल्प के अनुसार रखी जा सकती है.

व्रत का उद्देश्य सिर्फ भूखे रहना नहीं

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत केवल भोजन का त्याग नहीं, बल्कि मन, वाणी और व्यवहार की शुद्धता का भी संकल्प है. इसलिए इस दिन क्रोध, झूठ, कटु वचन और नकारात्मक विचारों से भी बचना चाहिए. शांत मन से पूजा-पाठ, दान और भगवान विष्णु का स्मरण करने से व्रत का महत्व और अधिक बढ़ जाता है.

 

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.